हिमखबर डेस्क
उपायुक्त हेमराज बैरवा ने कहा कि मेलों और उत्सवों के आयोजनों से अगली पीढ़ी तक हमारी उच्च परमपरायें पहुंचती हैं और इनका ज्ञान भी बढ़ता है। उन्होने कहा कि इन उत्सवों में आयोजित होने वाले आयोजनों में खेलों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजनों से ग्रामीण प्रतिभाओं को अवसर मिलता है।
शनिवार को देर सायं दाड़ी में आयोजित धुम्मू शाह मेले के दौरान दंगल का शुभारंभ करने के उपरांत उन्होंने कहा कि यह मेला जन आस्था से जुड़ा एक प्राचीन आयोजन है।
उपायुक्त ने कहा कि भारत में कुश्ती एक पेशेवर खेल के रूप में तेजी से उभर रही है, जो देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिला रही है। खेल न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाते हैं, बल्कि युवाओं में अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा का भी संचार करते हैं, इसलिए युवाओं को खेलों में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए।

इससे पूर्व मेला अधिकारी एवं एसडीएम मोहित रत्न ने मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए मेले के आयोजन संबंधी विस्तृत जानकारी दी।
दंगल में ईरान सहित हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और अन्य राज्यों के नामी पहलवानों ने अपने जौहर दिखाए।
ईरान के मोहम्मद हादी और उत्तर प्रदेश के अभिनायक के बीच हुआ मुकाबला बराबरी पर रहा, यह मुकाबला दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
- हिमाचल केसरी के पुरुष वर्ग में ऊना के अर्शदीप विजेता रहे, जिन्हें एक लाख रुपये की राशि से सम्मानित किया गया।
- कांगड़ा के पप्पी को 75 हजार,
- मंडी के सचिन को 50 हजार तथा शाहपुर के राजू को 11 हजार रुपये प्रदान किए गए।
- महिला वर्ग में सोलन की रानी को 75 हजार,
- राधा को 50 हजार,
- बिलासपुर की अभिलाषा को 30 हजार
- और कांगड़ा की शबनम को 7 हजार रुपये दिए गए।
- हिमाचल कुमार प्रतियोगिता में लड़कों के वर्ग में ऊना के हरजिंदर को 31 हजार,
- स्पोर्ट्स हॉस्टल ऊना के विशाल को 21 हजार
- और मंडी के शौर्यवीर को 11 हजार रुपये प्रदान किए गए।
- महिला वर्ग में चंद्रपुर की ऋषिका को 10 हजार,
- बिलासपुर की कोमल को 7 हजार
- तथा कनिष्का को 5 हजार रुपये की इनामी राशि दी गई।
उपायुक्त ने दंगल के विजेताओं को पुरस्कार भी वितरित किए।
ये रहे उपस्तिथ
इस अवसर पर नगर निगम के संयुक्त आयुक्त सुरेंद्र कुमार, डीवाईएसओ रवि शंकर, डीएलओ अमित गुलेरी, मेला कमेटी के सदस्य तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

