
शिमला, जसपाल ठाकुर
केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश में सड़कों और पुलों की 12 परियोजनाओं को 36 महीने में पूरा करने के निर्देश दिए हैं। इनमें कई सड़कों की मरम्मत की जानी है, इन्हें चौड़ा किया जाना है या पुल बनाए जाने हैं।
इसके लिए केंद्र ने राज्य सरकार को 194.58 करोड़ का बजट जारी किया है। अगर तय से ज्यादा बजट खर्च किया तो इसे खुद प्रदेश सरकार को वहन करना होगा। प्रशासनिक कार्यों के लिए केवल 10 फीसदी बजट ही खर्च किया जा सकेगा।
इनमें भारत-चीन शासित तिब्बत सीमा की एक सड़क भी शामिल है। सड़क परिवहन मंत्रालय के अवर सचिव कमल प्रकाश ने राज्य सरकार के मुख्य सचिव को चिट्ठी भी लिखी है। इसमें 12 लंबित प्रोजेक्टों की मंजूरी की सूचना देते हुए केंद्र ने इस संबंध में कई शर्तें लगाई हैं। इसमें 194.58 करोड़ के 12 कार्यों को मंजूर किया गया है। इनमें कई मामले सड़कों और पुलों से संबंधित हैं।
पत्र में साफ किया है कि राज्य सरकार से संबंधित कार्यकारी एजेंसी सुनिश्चित करेगी कि सभी कार्यों में तय शर्तों को पूरा किया गया है। सड़कों की मरम्मत राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए तय नियमों के अनुसार होगी।
प्रोजेक्ट 36 महीने के भीतर पूरे करने होंगे। हाल ही में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर इन लंबित प्रोजेक्टों को मंजूरी दिलाने के लिए केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मिले थे।
इस मुलाकात के बाद शिमला लौटते ही केंद्र सरकार ने इन परियोजनाओं को मंजूरी दे दी। इन परियोजनाओं में कड़छम – सांगला – छितकुल सड़क को चौड़ा करने का कार्य भी शामिल है। यह सड़क भारत और चीन शासित तिब्बत सीमा तक जाती है।
