
धर्मशाला – राजीव जस्वाल
सिरमौर व ऊना के बाद अब कांगड़ा अंतरराज्यीय सीमा वाला जिला है। यहां सिरमौर व ऊना जिला का अनुभव काम आएगा और इसका इस्तेमाल भी अंतरराज्यीय सीमा पर नशे की कमर तोड़ने के साथ अवैध खनन सामग्री पर रोक लगाने के लिए किया जाएगा। यह शब्द बतौर पुलिस अधीक्षक कांगड़ा का कार्यभार संभालने के बाद डा. खुशहाल शर्मा ने पत्रकारों से बातचीत में कहे।
उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता कानून व्यवस्था को बनाए रखना है। इसके लिए बकायदा जनता का सहयोग के साथ-साथ सुझाव भी लिए जाएंगे, जिससे कि हम नशे के अवैध कारोबार पर लगाम कसी जा सके, क्योंकि बोर्डर क्षेत्र वाले जिलों की अपनी अलग चुनौतियां होती हैं। उन्होंने कहा कि जिले की जनता से सहयोग व सुझाव की अपेक्षा रहेगी।
उन्होंने कहा कि जनता पुलिस को वर्दीधारी अधिकारी पैट्रोलिंग करने में सहयोग करेंगे। वहीं हर जिले का वार्षिक प्लान होता है और यहां का भी बना है। जिसे आगे बढ़ाया जाएगा। क्या समस्याएं उसके आधार पर ही आगे की प्राथमिकताएं तय होंगी। हालांकि इसमें मैं अपने स्तर क्या कर सकता है कितना अच्छा काम किया जा सकता है यह प्रयास किया जाएगा। वहीं जवानों के कल्याण के लिए जो इनसेंटिव सिरमौर जिला में लाए गए थे, उसी तरह से जिला कांगड़ा के लिए भी लाएंगे, ताकि जवानों का मनोबल बढ़े।
वहीं कोविड-19 से बचाव के लिए जनता का सहयोग जरूरी है। जिला में शक्तिपीठों के साथ-साथ पर्यटन स्थनों में श्रद्धालुओं व पर्यटकों की आवाजाही रहती है। इसके लिए उन्हें जागरूक किया जाएगा। कोविड-19 के प्रति इनफोर्समेंट मास्क है। सभी लोग मास्क पहनेंगे तो 90 फीसद समस्या दूर हो जाती है। इसलिए जिले की जनता इस दिशा में अपना सहयोग दे।
जरूरत पड़ने पर नाकेबंदी या अतिरिक्त फोर्स लगाने के भी वांछित प्रयास किए जाएंगे। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। वहीं अपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए अन्वेषण अधिकारियों को भी समय-समय पर प्रशिक्षक व कोर्स के साथ जांच कौशल संबंधी प्रशिक्षण दिए जाते रहेंगे, ताकि उन्हें जांच करने में सुविधा मिल सके और अपराधियों को सजा जबकि पीड़ितों को न्याय मिल सके।
इसके अलावा थानों में तैनात वीरांगनाओं की सेवाओं का भी लाभ उठाया जाएगा। साथ ही सीसीटीवी कैमरों का नेटवर्क बढ़ाया जाएगा, जिससे महिलाएं अपने आप को सुरक्षित महसूस करें और उनके खिलाफ अपराध करने वाले अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई हो सके।
