
ज्वाली- अनिल छांगू
जब एक डॉक्टर की मां की करोना काल में ऑक्सीजन ना मिलने की वजह से मौत हुई तो दुखी डॉक्टर ने उसी समय प्रण कर लिया कि अब आज के बाद ऑक्सीजन की कमी से किसी की मौत ना होगी।
जी हां वात करते हैं ज्वाली के एसएमओ डॉ अमन दुबे की। मां की मौत के बाद एसएमओ डॉक्टर अमन दुबे के प्रयासों से 50 बिस्तरीय सिविल अस्पताल ज्वली के लिए करीबन एक करोड़ रुपए की लागत से लगने वाला ऑक्सीजन जेनेरेटर प्लांट मंजूर हुआ है।
डॉ अमन दुबे ने कहा कि अब मेरे सपनों का प्रोजेक्ट जवाली में लग पाएगा तथा लोगों को अस्पताल में हर बैड पर हर समय ऑक्सीजन उपलब्ध रहेगी।
डॉ अमन दुबे ने कहा कि कोरोनाकाल में बहुत सारे लोगों की ऑक्सीजन न मिलने के कारण मौत हो गई जिसमें मेरी माता का भी निधन हो गया।
इसके बाद से ही मैंने इस प्रोजेक्ट को लगवाने की कोशिश की जिसमें कामयाबी भी मिली है। केंद्र सरकार ने इस प्रोजेक्ट को मंजूर कर दिया और अब मशीनरी भी पहुंच गई है।
डॉ अमन दुबे ने ऑक्सीजन जेनेरेटर प्लांट को स्थापित करने के लिए सेफ रूम निर्माण हेतु 14 लाख रुपए के बजट की डिमांड बजट के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी कांगड़ा, निदेशक स्वास्थ्य विभाग व स्वास्थ्य सचिव को भी लिखित पत्र भेजकर अवगत करवाया लेकिन फिर भी बजट का कोई प्रावधान नहीं हुआ।
आखिरकार यह मामला ज्वाली के विधायक अर्जुन सिंह के ध्यान में आया और अर्जुन ठाकुर ने विधानसभा सत्र में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के समक्ष ऑक्सीजन जेनेरेटर प्लांट को स्थापित करने के लिए सेफ रूम निर्माण हेतु 14 लाख रुपए के बजट की डिमांड रखी।
जिस पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने स्वास्थ्य सचिव व जिलाधीश कांगड़ा को बजट उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए ताकि सेफ रूम बन सके व ऑक्सीजन जेनेरेटर प्लांट को उस रूम में रखा जा सके।
अब इस एक करोड़ के प्रोजेक्ट के लगने का रास्ता बिल्कुल साफ हो गया है तथा यह जवाली के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है।
इस प्रोजेक्ट के लिए सारा पैसा एचडीएफसी बैंक द्वारा उपलब्ध करवाया जाएगा। इस प्लांट का लोकार्पण भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाएगा। तथा इस प्लांट के लगने से बार-बार ऑक्सीजन सिलेंडर भरवाने की समस्या से भी निजात मिल जाएगी। प्लांट के स्थापित होने के बाद बाहरी सरकारी अस्पतालों के ऑक्सीजन सिलेंडरों को भी ज्वाली में ही भरवाये जाएगें।
