शिमला – नितिश पठानियां
सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू दिल्ली दौरे से शिमला वापिस लौट रहे हैं। सीएम के वापिस आते ही हिमाचल के डीजीपी व एसपी शिमला के बीच विवाद का पटाक्षेप भी होगा। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू दोपहर बाद तीन बजे के करीब मीडिया को संबोधित करेंगे। उसी दौरान इस विषय पर भी सीएम सुक्खू इस विवाद पर सरकार के एक्शन की जानकारी देंगे।
इस बात की पुख्ता संभावना है कि एसपी शिमला संजीव गांधी को उनके मौजूदा पद से हटाया जाएगा। उन्हें पुलिस मुख्यालय में अटैच किए जाने की संभावना है। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू ने एसपी शिमला को हिदायत दी है कि वो विमल नेगी केस में हाईकोर्ट में अपील दाखिल न करें।
उल्लेखनीय है कि एसपी शिमला ने मीडिया से बातचीत में डीजीपी पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। साथ ही विमल नेगी केस में हाईकोर्ट में दाखिल किए गए शपथ पत्र पर भी सवाल उठाए थे। साथ ही एसपी ने कहा था कि वे सीबीआई को केस देने के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे।
यही नहीं, सीबीआई की टीम जब केस का रिकार्ड लेने के लिए एसपी ऑफिस आई थी तो संजीव गांधी ने टीम को यह कह कर लौटा दिया था कि इस मामले में वे हाईकोर्ट जा रहे हैं और इस आशय की चिट्ठी निदेशक सीबीआई को भेजी गई है। अब सरकार का रुख देखते हुए ये संभावना पक्की है कि एसपी शिमला अब हाईकोर्ट नहीं जाएंगे।
HPPCL के चीफ इंजिनियर विमल नेगी की मौत के मामले में अब विवादों की आंच सरकार पर आ रही है। पुलिस पर समाज में भरोसा बनाए रखने की जिम्मेदारी होती है, लेकिन यहां खुद पुलिस के बीच के विवाद सार्वजनिक हो रहे हैं। इससे सरकार की छवि पर भी असर पड़ रहा है।
विमल नेगी के परिजनों ने पावर कारपोरेशन के बड़ अफसरों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही कहा है कि प्रताडऩा के कारण विमल नेगी की जान गई है। परिजन केस को सीबीआई को सौंपने की मांग कर रहे थे। अब हाईकोर्ट ने ये आदेश जारी किए हैं तो परिजनों को न्याय की आस बंधी है।
वरिष्ठ मीडिया कर्मी डॉ. एमपीएस राणा कहते हैं कि इस विवाद से शासन की साख पर असर हुआ है। गृह विभाग सीएम के पास होता है। उनके विभाग में ये घमासान बताता है कि प्रशासन बेलगाम है और सत्ता मौन बैठी है।