हिमखबर डेस्क
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ट्रैक्टर चालकों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनावों के चलते प्रदेश में आचार संहिता लागू है, इसलिए चुनावों के बाद सरकार ट्रैक्टर चालानों की राशि कम करने की संभावनाओं पर विचार करेगी।
शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से ट्रैक्टर चालकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर अपनी समस्याओं और मांगों को विस्तार से उनके समक्ष रखा। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि हाल के समय में ट्रैक्टरों के भारी-भरकम चालान किए जा रहे हैं, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर बुरा असर पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ रहे जुर्मानों के कारण उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रैक्टर खेती-बाड़ी, निर्माण कार्य, सामान ढुलाई और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए उपयोग किए जाते हैं।
ऐसे में अधिक चालान राशि के कारण छोटे स्तर पर काम करने वाले चालक सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने चालान राशि कम करने और ट्रैक्टर संचालन से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाने की मांग की।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि ट्रैक्टर चालकों को परमिट देने के संबंध में भी विकल्प तलाशे जाएंगे, ताकि उन्हें कानूनी रूप से काम करने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने अधिकारियों को भी इस विषय में व्यावहारिक और मानवीय दृष्टिकोण अपनाने के निर्देश देने की बात कही।

