मंडी, 23 अगस्त – अजय सूर्या
शुक्रवार को लोक निर्माण विभाग मंत्री विक्रमादित्य सिंह मंडी सदर विधानसभा क्षेत्र के दौरे पर मौजूद रहे। इस दौरान उन्होनें जहां कून का तर में संस्पेशन वैली ब्रिज की आधार शिला रखी वहीं झूले में बैठकर ब्यास नदी पार कर जनता से भी मुलाकात की।
बता दें कि बीते पिछले साल ब्यास नदी में आई बाढ़ के चलते तीन विधानसभाओं को आपस में जोड़ने वाला कून का तर ब्रीज पूरी तरह से बह गया था। इसके स्थान पर ग्राीमीणों द्वारा आने-जाने के लिए फिल्हाल झूले पुल का इस्तेमाल किया जा रहा है। क्षेत्र के सैंकड़ो लोग रोजाना अपनी जान हथेली पर रखकर इसी झूले में बैठकर आर-पार पहुंच रहे है।
शुक्रवार को इसी झूले में बैठकर विक्रमादित्य सिंह ने ब्यास नदी के दुसरे किनारे खड़ी द्रंग व जोगिंद्रनगर विधानसभा की जनता के साथ मुलाकात की। इसके उपरांत मीडिया से रूबरू होते हुए विक्रमादित्य सिंह ने झूले में बैठने का अपना अनुभव भी सांझा किया।
मंत्री ने कहा कि कून का तर में पुल न होने से लोगों को काफी मुशिकलों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं विक्रमादित्य सिंह ने कहा पधर के राजबन में बादल फटने की घटना के बाद तबाह हुए परिवारों को पुनः बसाने के लिए भी सरकार पूरी तरह से वचनबद्ध है।
इसके अलावा विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि पिछले साल आई आपदा में कुल्लू से लेकर मंडी तक ब्यास नदी पर बने कई पुल बह गए है। जिसके बाद प्रदेश सरकार द्वारा केंद्र से इन पुलों को सेतु भारतम परियोजना के तहत बनाने की मांग उठाई गई थी। लेकिन केंद्र सरकार ने अभी तक इन पुलों के पुनः निमार्ण के लिए ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई है।
अब सीएम सुक्खू ने इस पुल के निर्माण के लिए विशेष बजट का प्रावधान किया है। प्रदेश सरकार के सहयोग अब यहां पर 3 करोड़ 30 लाख की लागत से 280 फीट संस्पेशन वैली ब्रिज बनने जा रहा है। अगले साल मार्च माह में इस पुल का निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा और यहां की जनता जल्द ही इस पुल का लाभ उठा सकेगी।
वहीं, इसके उपरांत विक्रमादित्य सिंह ने साइगलू में नलवाड़ मेले के समापन समारोह की भी अध्यक्षता की। इस मौके पर कांग्रेस नेत्री चंपा ठाकुर व अन्य कोग्रेसी कार्यकर्ताओं सहित विभागीय अधिकारी भी मौजूद रहे।

