ज्वाली – व्यूरो
ज्वाली विधानसभा क्षेत्र के भरमाड़, कोटला, नगरोटा सूरियां , सिद्धाथा सहित कई पंचायतों में खाद न मिलने से किसानों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। सरकारी डिपुओं में एक महीने से अधिक समय से खाद नही मिल रही है, जिससे किसानों में भारी रोष है।
ग्राम पंचायत प्रधान फारियां जीवन लाल
का कहना है कि खाद के लिए किसके पास जाएं, जबकि सरकार बड़े-बड़े दावे कर रही है कि हम किसानों को समय-समय पर खाद व बीज इत्यादि सब कुछ दे रहे हैं, लेकिन दावे सब खोखले नजर आ रहे हैं। समय पर खाद न मिलने से किसानों की मक्की की फसल पूरी तरह से खराब हो गई और पीली पड़ गई है। किसानों में सरकार के प्रति भारी रोष है।
सुनील दत्त का
कहना है कि एक तरफ तो मक्की की फसल को कीड़े ने तबाह कर दिया है तो वही खाद ना मिलने से किसान परेशान है उन्होंने कहा कि सरकारी और निजी खाद विक्रेताओं के स्टोर खाली पड़े हैं। ऐसे में किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बिना खाद से मक्की की फसल पीली पड़ गई है। किसानों का कहना है कि किसके पास फरियाद लेकर जाएं। क्षेत्र के सैकड़ों परिवार खेतीबाड़ी से जुड़े हैं किसानों के अनुसार मानसून की बारिश के बीच मक्की के लिए यूरिया खाद अति आवश्यक होती है।

मनजीत कौंण्डल
का कहना है कि एक पहले ही बहुत से किसान कीटनाशक जीवो से बंदरों तथा आवारा पशुओं से परेशान है। कहीं थोड़ी बहुत फसल है तो समय पर खाद न मिलने से मक्की की फसल पूरी तरह खराब हो गई है। वही भारी बारिश के बीच सैकड़ों किसानों के सामने खाद का संकट खड़ा हो गया है।
जल्द ही किसानों को मिलेगी राहत
हिमफेड प्रबंध निदेशक ज्ञान सागर नेगी का कहना है कि कुछ जिलों में खाद की आपूर्ति शुरू हो गई है। कांगड़ा जिला के कई इलाकों में सप्लाई आ गई है। जल्द ही किसानों को खाद के संकट से राहत मिल जाएगी।

