
भलाड- शिबू ठाकुर
ज़िला काँगड़ा के ज्वाली उमण्डल के टी जी टी अध्यापक साहित्यकार ,लेखक व गीतकार सुरेश कौंडल को राजधानी शिमला में स्थित देश के ऐतिहासिक व विश्व विख्यात गेयटी थियेटर में देवभूमि हिम कला मंच शिमला द्वारा आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम ‘हुनरबाज़ हिमाचल सीज़न 3’ में “स्टार ऑफ देवभूमि 2021″ अवार्ड से अलंकृत किया गया ।
इस कार्यक्रम के मुख्यातिथि रहे डॉ पंकज ललित जी निदेशक, भाषा एवम कला संस्कृति विभाग हिमाचल प्रदेश और विशेष अतिथि रही मदर टेरेसा चैरिटेबल फाउंडेशन की अध्यक्ष श्रीमति प्रेम मोहिनी गुप्ता जी एवम समाज सेविका सुनीता डोगरा जी । सुरेश कौंडल जी को यह पुरस्कार, उनकी समाज के उत्थान से सम्बन्धी रचनाओं तथा पहाड़ी भाषा के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों के लिए दिया गया है ।
देवभूमि हिमकला मंच शिमला द्वारा आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम” हुनर बाज़ हिमाचल सीजन 3″ का आगाज़ 09 अक्टूबर को हुआ इस कार्यक्रम में कला , संगीत , नृत्य एवं योग से सम्बंधित अनेक प्रकार की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया जिसका समापन 10 अक्टूबर रविवार के दिन हुआ । इस कार्यक्रम में प्रदेश भर से प्रतिभाशाली प्रतिभागियों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया ।
इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण था “स्टार ऑफ देव भूमि 2021 अवार्ड” जिसके लिए प्रदेश भर से कला और साहित्य के विभिन्न क्षेत्रों में विशेष उपलब्धि हासिल करने वाली प्रतिभाओं को नामित किया गया था । इसी कड़ी में ज्वाली के साहित्यकार सुरेश कौंडल जी को इस अवार्ड के लिए चुना गया । इस बारे बात करने पर सुरेश कौंडल जी ने बताया कि यह पुरस्कार उनके जीवन में बहुत महत्व रखता है ।
एक प्रतिष्ठित कला मंच द्वारा ऐतिहासिक गेयटी थियेटर के मंच पर इस अवार्ड का मिलना उनके लिए जीवन का अविस्मरणीय क्षण है । यह पुरस्कार उन्हें कला और साहित्य के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करेगा । उन्होंने इस सम्मान के लिए देवभूमि हिमकला मंच शिमला हिमाचल प्रदेश का आभार व्यक्त किया है ।
गौरतलब है कि सुरेश कौंडल राजकीय उच्च पाठशाला लुधियाड़ में प्रशिक्षित कला स्नातक के पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं । वे अपने अध्यापन कार्य में दक्ष तो हैं ही साथ ही साथ लेखन के कार्य में भी बुलंदियों को छू रहे हैं । उनकी अधिकतर रचनाएं सामाजिक विषयों से प्रेरित रहती हैं । उनके लिखे पहाड़ी गाने और कविताएं जन साधारण को प्रेरणा प्रदान करती हैं । हाल ही में रिलीज़ उनके लिखे गाने एक बूटा सबना लाणा, पाणी ए रहमत रब्ब दी, कलीरा आदि ने सोशल मीडिया पर बहुत वाह वाही लूटी । कला के क्षेत्र में उनकी इस उपलब्धि ने ज्वाली क्षेत्र का नाम रोशन किया है ।
