
बिलासपुर, सुभाष चंदेल
बुढ़ापे के इस दौर में जब इस गाय को सहारे की सख्त जरूरत थी तो इसके मालिक ने इस गाय को सड़क पर अपने हाल पर छोड़ दिया।
चारों तरफ बियावान जंगल, प्यास लगे तो पानी नहीं, भूख लगे तो चारा नहीं।आंखों में रोशनी न होने से कहीं आने जाने में लाचार यह गाय पिछले कई दिनों से गरामौडा जंगल में जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रही थी।
अब ऐसा भी नहीं है कि इंसानियत भी पूरी तरह खत्म हो चुकी है जैसे ही स्वारघाट व्यापार मंडल के प्रधान महेन्द्र सिंह राणा को इस गाय के बारे में पता चला उन्होंने इस गाय के चारा- पानी सहित उपचार हेतु इस गाय को महादेव गौशाला पहुंचाया। इससे पूर्व भी वह बीमार, लाचार व अनेकों घायल गौवंश को उपचार दिलवाने का पुनीत कार्य करते आ रहे हैं।
