हिमखबर डेस्क
मंजिल उन्हीं को मिलती है, जिनके सपनों में जान होती है, पंख से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा जारी 12वीं कक्षा के परीक्षा परिणाम में सरकारी स्कूल में पढ़ने वाली चंबा जनपद की एक होनहार बेटी महज दो अंको की कमी की वजह से कला संकाय की मेरिट सूची में स्थान बनाने से चूक गई।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बकानी की मोनिका कुमारी ने 500 में से 476 अंक प्राप्त कर समूचे राज्य में चंबा को गौरवान्वित किया है। मेरिट में स्थान हासिल करने वाले तो बधाई के पात्र हैं ही, वहीं मेरिट में स्थान न मिलने के बावजूद भी मोनिका टॉपर से कम नहीं है।
मिस्त्री केवल कुमार और सीमा देवी के घर में जन्मी मोनिका कुमारी की सफलता असाधारण है, क्योंकि गरीब परिवार से संबंध रखने वाली मोनिका कुमारी को शिक्षा प्राप्त करने के लिए रोजाना स्कूल जाने व आने के लिए 2 घंटे का सफर पैदल तय करना पड़ता था।
रोजाना धूप, गर्मी, बारिश, बर्फ और कड़ाके की सर्दी में निरंतर अपनी मंज़िल को पाने के लिए पैदल सफर तय करती थी। मात्र 2 नंबर कम रहे, अन्यथा यह बेटी हिमाचल प्रदेश में दसवां रैंक हासिल कर लेती। विकट परिस्थितियों के बावजूद बेहतर परिणाम मोनिका की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभा को दर्शाता है।
बता दें कि मोनिका के शानदार परिणाम से पूरे गांव में दीपावली जैसा माहौल है। इसी उपलक्ष्य पर मंगलवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बकानी में विद्यालय प्रशासन और प्रेरणा द इंस्पिरेशन संस्था ने एक ‘सम्मान समारोह’ आयोजित किया।
समारोह में विद्यालय परिवार व प्रेरणा द इंस्पिरेशन संस्था के संस्थापक दीपक भाटिया उपस्थित रहे। समारोह के अंत में विद्यालय प्रशासन व प्रेरणा संस्था ने मोनिका को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।
प्रेरणा द इंस्पिरेशन संस्था के अध्यक्ष दीपक भाटिया ने बताया मोनिका कुमारी ने रोजाना 2 घंटे रोजाना पैदल चलकर स्कूल आना, घर में मां के साथ काम करना, पशुओं की देखभाल करना। साथ में शिक्षा में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण होना दर्शाता है कि वो समाज के लिए एक प्रेरणास्रोत है।
वही राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बकानी के प्रधानाचार्य और शिक्षकों ने मोनिका की हौसला अफ़ज़ाई करते हुए कहा कि यह बहुत मेहनती और समर्पित छात्रा है।

