
सिरमौर- नरेश कुमार राधे
हिमाचल प्रदेश में सिरमौर जनपद के विशेष न्यायधीश आके चौधरी ने जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल पर शिलाई के दंपत्ति को एससी व एसटी एक्ट (Atrocity Act) एट्रोसिटी के तहत दोषी करार दिया है।
अदालत ने दोषी पाए गए पति-पत्नी को 6 महीने के कठोर कारावास के अलावा 12,750 रुपए जुर्माना अदा करने के आदेश दिए हैं। घटना 2 अक्तूबर 2015 की है।
पीड़ि़त पक्ष ने मामला दर्ज करवाया था कि सत्या देवी पत्नी रतन सिंह व रतन सिंह पुत्र माना राम निवासी ग्राम पंचायत नाया ने घर के समीप बनी सुरक्षा दीवार व पिल्लर को जेसीबी मशीन से गिरा दिया।
इस दौरान जब दंपत्ति को रोकने का प्रयास किया गया तो उन्होंने जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया। मौके पर कहासुनी भी हुई।
दंपत्ति को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया था। अदालत ने 15 गवाहों व साक्ष्यों के आधार पर दंपत्ति को दोषी करार दिया। जुर्माना अदा न करने पर दोषियों को दो-दो माह का अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा।
