
हमीरपुर – अनिल कल्पेश
बहुचर्चित जहरीली शराब मामले में अब नया मोड़ आ गया है। हमीरपुर जिले में जिस निष्कासित कांग्रेसी नेता नीरज ठाकुर के ठेकों से जहरीली शराब बरामद हुई थी, उसके सैंपलों की रिपोर्ट पुलिस के पास पहुंच गई है तथा इसमें जहरीला पदार्थ होने की पुष्टि नहीं हुई है।
शराब कांड के मामले में मंडी जिले के सलापड़ और कांगू निवासी 7 मृतकों के बिसरे में मैथेनॉल पाई गई थी। यह बात भी निकलकर सामने आई थी कि शराब को अधिक नशीला बनाने के लिए एथेनॉल (पीने योग्य अल्कोहल) में मैथेनॉल (इंडस्ट्रियल अल्कोहल) मिलाई गई थी। इससे यह शराब जहरीली बन गई।
प्रारंभिक जांच में मृतकों के बिसरा जांच में मैथेनॉल की पुष्टि हुई थी। इस आधार पर ही जांच टीम ने प्रदेशभर से बरामद की गई नकली अवैध शराब के सैंपल जांच के लिए कंडाघाट लैब भेजे थे लेकिन शराब में मैथेनॉल की पुष्टि नहीं हुई थी। वहीं आरोपी नीरज ठाकुर इस मामले में अन्य आरोपियों के साथ अभी सलाखों के पीछे है, उसे अभी तक जमानत नहीं मिल पाई है।
नीरज ठाकुर के 13 शराब के ठेके किए थे सील, नए सिरे से हुए हैं अलॉट
निष्कासित कांग्रेस नेता शराब ठेकेदार नीरज को जनवरी माह में जहरीली शराब के मामले में एसआईटी ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद विभाग ने नीरज ठाकुर के 13 शराब के ठेके भी सील किए थे। जिन शराब के ठेकों में वीआरवी फूल्स मार्का की नकली शराब बरामद की गई थी।
इस शराब के सैंपल जिला पुलिस हमीरपुर ने जांच के लिए एफएसएल लैब कंडाघाट भेजे थे। आबकारी एवं कराधान विभाग ने इन शराब के ठेकों को सील करने के बाद में नए सिरे से आबंटित कर दिया है।
क्या बोलीं एसपी हमीरपुर
एसपी हमीरपुर डाॅ. आकृति शर्मा ने बताया कि हमीरपुर के शराब के ठेकेदार नीरज ठाकुर के शराब ठेकों से जो कथित जहरीली शराब बरामद हुई थी, उसके सैंपल एफएसएल लैब कंडाघाट में जांच के लिए भेजे गए थे। इन सैंपल की जांच रिपोर्ट आ गई है तथा इन सैंपलों में जानलेवा मैथेनॉल नहीं पाया गया है।
