
कुल्लू- आदित्य
भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आइटीबीपी) के जवान सीमाओं की रखवाली तो कर बखूबी अपना फर्ज निभा रहे हैं। देश के भीतर भी जनहित के कार्यो में जवान रुचि दिखा रहे हैं। आइटीबीपी के जवान कोरोनाकाल में भी गरीब व जरूरतमंदों की मदद के लिए भी आगे आए हैं।
आइटीबीपी की द्वितीय वाहिनी के बबेली कैंप के अधिकारियों व जवानों ने गरीबों की मदद के लिए अनूठी पहल की है। कुल्लू जिले के बबेली कैंप के बाहर ‘नेकी की दीवार’ स्थापित की है। यहां संदेश भी लिखा है कि ‘जो आपके पास अधिक है यहां छोड़ जाएं और जो नहीं है यहां से ले जाएं।’
अशोक कुमार सिंह, कमाडेंट द्वितीय वाहिनी भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल बबेली के बोल
आइटीबीपी के अधिकारी व जवान यहां पर राशन, खाने-पीने का सामान सहित अन्य चीजें रख देते हैं। जरूरतमंद लोग यहां से सामान उठा लेते हैं। गरीब व असहाय लोगों के लिए कोरोनाकाल व कड़ाके की ठंड में ‘नेकी की दीवार’ वरदान साबित हो रही है। प्रदेश के अन्य जिलों में भी इस तरह के प्रयास हो रहे हैं।
तहसील परिसर कांगड़ा में भी ‘नेकी की दीवार’ स्थापित की गई है। यहां भी लोग कपड़े समेत अन्य सामान रखकर जरूरतमंदों की मदद की जा रही है। प्रदेश के अन्य जिलों में भी ऐसे प्रयास हो रहे हैं। आइटीबीपी बबेली कैंप में सभी अधिकारियों व जवानों ने मिलकर नवंबर में गरीब व जरूरतमंदों की मदद के उद्देश्य से ‘नेकी की दीवार’ मुहिम की शुरुआत की है।
कोरोनाकाल में लोगों की मदद के लिए हर जगह पहुंचना मुश्किल है इसलिए यह छोटी सी पहल की है। लोगों से भी अपील है कि ‘जो आपके पास अधिक है वो यहां छोड़ जाएं और जो नहीं है वो यहां से ले जाएं।’
