
मंडी – नरेश कुमार
मंडी जिला के करसोग उपमंडल में जड़े फैला रहे नशे के कारोबार को रोकने के लिए पुलिस का विशेष अभियान जारी है। इसी मुहिम के तहत पुलिस के हाथ बड़ी कायमयबी लगी है।
यहां शनिवार देर रात को चिट्टे के कारोबार के मास्टरमाइंड बताए जा रहे युवक पुलिस के हत्थे चढ़े हैं। इस मामले में युवकों के खिलाफ थाना करसोग में मामला दर्ज कर लिया गया है।
शनिवार देर रात एएसआइ प्रकाश चंद के नेतृत्व में पुलिस की टीम ठोगी मोड़ में गश्त पर थी। यहीं पर एक पिकअप एचपी 30-6806 खड़ी थी। इस गाड़ी के अंदर चालक सहित तीन युवक बैठे थे।
बताया जा रहा है कि गाड़ी तेल न होने की वजह से खड़ी हो गई थी। ऐसे में अचानक पुलिस को नजदीक आता देखकर तीनों ही युवक घबरा गए। इस पर पुलिस को शक हुआ और तीनों युवकों से देर रात सड़क पर खड़े रहने की वजह पूछी गई, लेकिन युवक कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके।
जिस पर पुलिस ने तीनों युवकों की तलाशी ली। इस दौरान उनके पास 8.55 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया। ये युवक तत्तापानी से करसोग की ओर आ रहे थे।
तीनों युवकों की पहचान 29 वर्षीय कृष्ण चंद चौहान उर्फ गुजर, चालक 25 वर्षीय घनश्याम, गांव चुराग व 33 वर्षीय इंद्र सिंह गांव कुमालटू क्यारकोटी शिमला के रूप में हुई है।
इसमें इंद्र सिंह की तलाश करसोग पुलिस को काफी समय से थी। इंद्र सिंह को चिट्टे के कारोबार का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। इसने सबसे पहले करसोग में चिट्टा लाया था।
शिमला के क्यारकोटी का रहने वाला इंद्र सिंह लंबे समय से चुराग में ही रह रहा है। इसके अतिरिक्त चिट्टे के कारोबार में कृष्ण चंद की संलिप्तता भी अधिक पाई बताई जा रही है।
क्या कहते हैं अधिकारी
डीएसपी गीतांजलि ठाकुर का कहना है कि शनिवार देर रात पुलिस ने तत्तापानी के समीप तीन युवकों से चिट्टा बरामद किया है। यहां रात को एक संदिग्ध गाड़ी सड़क पर खड़ी थी। तीनों युवक गाड़ी के अंदर थे।
सूचना है कि इनमें इंद्र कुमार करसोग में चिट्टा लाने वाला पहला व्यक्ति है। जबसे करसोग में डीएसपी का कार्यभार संभाला है, इस दौरान एनडीपीएस मामलों के तहत जितने भी युवक गिरफ्तार किए हैं इसमें इन दो युवकों के नाम ही सबसे ऊपर आए हैं।
