चार को साफ होगी हिमाचल की स्थिति, संक्रमण रोकने के लिए सख्ती बढ़ाने पर चर्चा, नाइट कर्फ्यू पर हो सकता है फैसला।

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शिमला, जसपाल ठाकुर

हिमाचल में कोरोना के नए मामलों पर निर्भर करेगा कि सरकार अब कितनी जल्दी सख्ती करती है। मुख्यमंत्री के साथ अधिकारियों ने जो चर्चा की है, उसमें साफ कहा गया है कि यदि रफ्तार ऐसी ही रहती है, तो चार अप्रैल के बाद कड़े फैसले लेने ही होंगे। क्योंकि कोरोना की दूसरी लहर ज्यादा खतरनाक है और इसकी चेन तोड़ना बेहद ज्यादा जरूरी है।

ऐसे में अधिकारियों को कहा गया है कि वे मॉनिटरिंग करते रहें, जिसके बाद चार अप्रैल को सरकार इसकी समीक्षा करेगी। अधिकारियों के साथ जो चर्चा की गई है, उसमें सीमाई क्षेत्रों में ज्यादा सतर्कता बरतने को कहा है। वहां के जिलाधीशों को सरकार की ओर से आदेश हुए हैं कि वे अपने स्तर और सख्त निर्णय ले सकते हैं, जो उस क्षेत्र के लिए जरूरी लगते हैं। ऐसे में ऊना व कांगड़ा के जिलाधीशों ने तो कुछ फैसले लिए भी हैं।

वहां भीड़ पर पाबंदी के लिए सख्ती की गई है। केवल चुनावी सभाएं एसओपी के तहत करने की स्वीकृति है, जबकि शेष पर रोक लगा दी गई है। ऐसा ही धीरे-धीरे प्रदेश के दूसरे जिलों में भी हो सकता है। ऊना के जिलाधीश ने पहले मास्क को लेकर जो कहा था, उस पर राजनीति हावी हो गई।

हालांकि मुख्यमंत्री ने खुद कहा है कि सख्ती का संदेश देना जरूरी है, लेकिन जुर्माने को लकर जो सख्ती की जा रही थी, उसमें कुछ ढिलाई बरतनी पड़ गई। कई तरह के सवाल भी उठ रहे हैं, जिसमें लोग चर्चा कर रहे हैं कि आखिर कोरोना दूसरे मामलों के लिए ही है, चुनाव पर इसका असर क्यों नहीं है।

क्योंकि प्रदेश में पहले शहरी निकायों फिर पंचायतों के चुनाव हुए और अब नगर निगम के चुनाव चल रहे हैं, ऐसे में उन पर किसी तरह की पाबंदी न दिखने से लोगों में रोष है। लोग मानते हैं कि सरकार इस तरह आखिर क्यों कर रही है, जिसमें स्कूल बंद करके प्रभावित किया जा रहा है।

यह भी सच्चाई है कि बच्चों को बचाने के लिए सरकार सतर्क है और स्कूलों को बंद कर चेन को तोड़ने का काम भी इसीलिए किया गया है, मगर इससे आने वाले दिनों में बोर्ड की परीक्षाएं भी प्रभावित हो सकती हैं, ऐसी संभावना है।

शिक्षक स्कूल आएंगे

शिक्षा मंत्री ने भी शिक्षा विभाग के अधिकारियों से इस संबंध में बातचीत की। स्कूलों में अध्यापक आते रहें, वहीं जिन कक्षाओं की परीक्षाएं हैं, उनके बच्चे भी स्कूल में आएं। प्राइवेट स्कूल सोमवार से सरकार के फैसले का अनुसरण करेंगे।

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