चम्बा – भूषण गुरुंग
विशेष जज चंबा पीआर पहाड़िया की अदालत ने नाबालिग से दुष्कर्म करने के आरोपित को पोक्सो एक्ट की धारा चार के तहत दोषी करार देते हुए दस वर्ष के कठोर कारवास और एक लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।
जुर्माना राशि न अदा करने की सूरत में दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना पड़ेगा। अदालत ने आरोपित को भादंसं की धारा 506 के तहत भी दोषी करार देते हुए दो वर्ष के कठोर कारावास व दस हजार रुपए जुर्माना लगाया है।
पीड़िता ने नहीं की किसी से चर्चा
जुर्माना न अदा करने पर दोषी को एक माह का अतिरिक्त कारावास भोगना पड़ेगा। अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में मुकदमे की पैरवी जिला न्यायवादी विजय रेहालिया ने की। अभियोजन पक्ष के मुताबिक पीड़िता गोशाला में बकरियां बांधने गई थी।
इसी दौरान आरोपी ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। मगर पीड़िता ने लोक लज्जा के चलते किसी के साथ घटना का जिक्र नहीं किया। इस घटना के छह माह बाद आरोपी ने फिर से नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया।
पीड़िता के पेट में दर्द होने से हुआ घटना का खुलासा
इसी बीच पीड़िता अपनी बहन के घर चली गई। जहां अचानक पीड़िता के पेट में दर्द हुआ। इस पर पीड़िता ने अपनी बहन के साथ घटना का खुलासा कर डाला। इस पर पीडि़ता ने जीजा के संग पुलिस थाना में पहुंचकर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करवा दिया।
पुलिस ने आरोपित के खिलाफ मामला दर्ज कर कागजी औपचारिकताओं सहित जांच कार्य पूर्ण कर चालान आगामी कार्रवाई हेतु अदालत में दायर कर दिया। जहां अभियोजन ने अदालत में सत्रह गवाह पेश कर आरोपी पर लगे दुष्कर्म के दोष को साबित किया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी को दोषी करार देते हुए उपरोक्त सजा सुनाई है।

