
शिमला – नितिश पठानियां
राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि घोड़ों में ग्लैंडर्स बीमारी के खतरे को देखते हुए हिमाचल प्रदेश में इसे अनुसूचित रोग (शेड्यूल्ड डिजीज) के रूप में अधिसूचित किया है।
प्रवक्ता ने बताया कि पशुओं में संक्रामक रोगों की रोकथाम एवं नियंत्रण अधिनियम 2009 की विभिन्न धाराओं के तहत पशु पालन विभाग ने प्रदेश में ग्लैंडर्स बीमारी को अनुसूचित रोग घोषित किया है। इसके तहत जिला कुल्लू के कुल्लू उपमंडल को नियंत्रित क्षेत्र घोषित किया गया है।
क्या है ग्लैंडर्स घोड़ों की बिमारी
ग्लैंडर्स घोड़ों की प्रजातियों में एक जानलेवा संक्रामक रोग है। इसमें घोड़े की नाक से खून बहना, सांस लेने में तकलीफ, शरीर का सूख जाना, पूरे शरीर पर फोड़े या गाठें आदि लक्षण हैं।
यह बीमारी दूसरे पालतू पशु में भी पहुंच सकती है। दरअसल यह बीमारी बरखोडेरिया मैलियाई नामक जीवाणु से फैलती है।
