
बक्लोह – भूषण गुरुंग
हर वर्ष की तरह आज भी 19 अप्रैल को बकलोह के स्थानीय लोगो औऱ पांच यूनिट के लोगो के द्वारा गुरु गोरखनाथ जी का शोभायात्रा निकाली गई। सुबह से ही कुमलाड़ी चिलामा हैली पैड रोड में बना हुआ सब से प्राचीन गुरु गोरख नाथ मंदिर में लोगो की भीड़ एकत्र होनी सुरु जो गई।
सुबह 9 बजे से शोभायात्रा का शुभ आरंभ किया गया। जगह जगह में चुतुर्थ गोरखा राइफल के जवानों के द्वारा और स्थानीय लोगो के सहयोग से यात्रा मे चलने वाले लोगो के लिए जल पान का आयोजन किया गया। ये यात्रा कुमलाड़ी स्लोड़का ककीरा,कालूगंज,बकलोह घटासनी, चिलामा, से होता हुआ मन्दिर परिसर तक पैदल शोभायात्रा निकली जाती है।
शोभायात्रा मे स्लोड़का के शिव मंदिर में 5/4 औऱ 4/4 जी आर द्वारा लोगो के लिए जलपान का आयोजन किया गया था।उसके बाद ककीरा बाजार में गोपाल एंड पार्टी द्वारा चाय पान करवाया गया । कालूगंज में शिव मंदिर कमेटी के स्थानीय लोगो के द्वारा जल पान करवाया गया।
बकलोह पहुचने और 1/4 जी आर के जवानों द्वारा जल पान करवाया गया उसके बाद यात्रा घटासनी पहुचने पर वहाँ के स्थानीय लोगो के द्वारा जल पान करवाया गया। उसके बाद चिलामा पहुचने पर 3/4 जी आर के जवानों द्वारा जलपान करवाया गया।
उसके बाद यात्रा मंदिर परिसर पहुचने पर 2/4 जी आर के द्वारा जलपान जलपान करवाने के बाद मंदिर परिसर में मीरा थापा के द्वारा हर साल की तरह सभी लोगो को भंडारा का आयोजन किया गया। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी चतुर्थ गोरखा राइफल के पाचो यूनिट के जवान औऱ अधिकारी देश के किसी भी कोने मे हो अपने गुरु गोरखनाथ माँ काली और माँ संसारी माँ के मंदिर में हाज़िरी भरने ज़रूर आते है।
हर वर्ष 19अप्रैल को अपने गुरु औऱ अपने अपने देवी देवताओ को मनाने के लिए ज़रूर आते है। सभी यूनिट के लोग पूजा अर्चना के बाद 23 अप्रैल कोअपने यूनिट में चले जाते है। कियो की कभी यहाँ पर इन पांचों यूनिट का ट्रेनिंग सेंटर हुआ करता था।
तभी से सभी यूनिटों के द्वारा यहाँ पर अपने अपने मंदिरो का स्थापना किया हुआ था तभी से साल मे एक बार पाचो यूनिट के लोग यहाँ पूजा अर्चना के लिए ज़रूर आते है।
