मिट्टी के मटके, सुराही, बोतलों को पसंद कर रहे लोग, दुकानों में ग्राहकों की लग रही भीड़
हिमखबर डेस्क
गर्मी शुरू होते ही जिलाभर में देसी फ्रिज के नाम से मशहूर मिट्टी के घड़े और सुराही की मांग बढ़ गई है। शहर में मिट्टी के बर्तनों की दुकानें सज गई हैं। शहर के अलावा अन्य क्षेत्रों के मटके भी बिकने आ रहे हैं। गर्मी बढऩे से देसी फ्रिज यानी घड़ों और सुराही की डिमांड बढऩे लगी है।
गांवों के साथ ही अब शहरों में भी अधिकतर लोग प्राकृतिक फ्रिज यानी मिट्टी के घड़े में पानी पीना पसंद कर रहें हैं। मिट्टी के बर्तन बेचने वाले राजकुमार ने बताया कि मिट्टी की बोतल काफी आकर्षक है, लोग इन्हें पसंद कर रहे हैं। जिसकी कीमत 80 रुपये से 300 रुपये तक है।
मिट्टी के घड़ों, बोतलों एवं कपों में रखे पानी को पीकर लोग तरोताजा हो रहे हैं। कुम्हारों का कहना है कि उनके बनाए मिट्टी के बर्तन न केवल आसपास के क्षेत्र में बल्कि पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और दिल्ली तक बिकते हैं। पिछले एक महीने में कुम्हारों ने तैयार मिट्टी के बर्तनों की बिक्री शुरू कर दी है।
अप्रैल के शुरुआत से लेकर अब तक मिट्टी के मटकों की खासी डिमांड रही। जगह-जगह बाजार में मिट्टी के बर्तनों को सजाकर बेच जा रहा है। लोग मिट्टी के बर्तन खरीद रहे हैं। गर्मी बढ़ते ही मिट्टी के बर्तनों की डिमांड बढऩे लगी है। अब मार्केट कई प्रकार के घड़े मार्केट में मिल रहे हैं। जैसे कि घड़े में टोंटी लगा दी है। इसे उलटा करने की जरूरत नहीं पड़ती। साथ ही अलग-अलग साइज में भी घड़े मिलने लगे हैं।
सेहत के लिए लाभदायक होता है घड़े का ठंडा पानी
आदित्य चौधरी के बताया कि मिट्टी के घड़े का पानी स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है। वैसे तो पानी जीवन का आधार है। लेकिन पानी मिट्टी के घड़े या मटके का हो तो उसके गुण कई गुणा बढ़ जाते हैं। घड़े का पानी पीने से कई रोगों से छुटकारा मिलता है। मिट्टी के घड़े में रखा पानी एक तो कुदरती तौर पर शुद्ध होता है और मटके के अंदर की सतह पानी के दूषित कणों को सोख लेती है। घड़े का पानी कम से कम दो दिन तक ताजा रहता है।

