ख्वाहिश

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हिमखबर – डेस्क

ख्वाहिश है मेरी उड़ने की
मुझे गिरना न सिखाइए।

ख्वाहिश है मेरी मोहब्बत की
मुझे नफ़रत न सिखाइए।

ख्वाहिश है मेरी जीतने की
मुझे हारना न सिखाइए।

ख्वाहिश है मेरी मुस्कुराने की
मुझे रुलाना न सिखाइए।

ख्वाहिश है मेरी जीने की
मुझे मरना न सिखाइए।

ख्वाहिश है मेरी दिल लगाने की
मुझे दिल बहला न सिखाइए।

ख्वाहिश है मेरी तेरे साथ रहने की
मुझे दूर रहना न सिखाइए।

मौलिकता प्रमाण पत्र

मेरे द्वारा भेजी रचना मौलिक तथा स्वयं रचित जो कहीं से भी कॉपी पेस्ट नहीं है।

राजीव डोगरा (भाषा अध्यापक), गवर्नमेंट हाई स्कूल ठाकुरद्वारा
पता-गांव जनयानकड़, पिन कोड -176038, कांगड़ा हिमाचल प्रदेश
9876777233 , rajivdogra1@gmail.com

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