कोटला – व्यूरो रिपोर्ट
कोटला – बडेड रोड़ पर शनि देव मंदिर के पास अवैध खनन माफिया द्वारा लगाए गए खनन सामग्री देहर खडड से निकले पत्थरों के ढेर खबर छपते ही रातों-रात यूं गायब हो गए, जैसे कभी यहां कोई पत्थर था ही नहीं। सारी रात जेसीबी और ट्रैक्टर तथा टिप्परो द्वारा यह अवैध खनन सामग्री (पत्थर) देहर खडड से अवैध रूप से निकल गई थी।
यह सिर्फ खनन माफिया ने स्थानीय पुलिस प्रशासन तथा नूरपुर स्थित खनन अधिकारी की आपसे मिली भगत का नतीजा है कि कार्रवाई करने के स्थान पर पुलिस तथा खनन विभाग ने अवैध कार्यकारियों को शरण देकर सरकार के आदेशों को ठेंगा दिखा दिया।
लोगों में आम चर्चा है कि प्रदेश के उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान तक को नूरपुर का खनन अधिकारी कुछ नहीं समझता मोटी रकम के बदले किसी भी हद तक नदियों व खडडो का सीना छलनी करवा सकता हैै। इसका आंखों देखा मुंह बोला उदाहरण कोटला की देहर खडड तथा वराल खड्ड है।
जिन में खनन विभाग के अधिकारी मूक सहमति के चलते क्रेशरो पर स्टॉक मैटिरियल की आड़ में रात भर खडड से रेत, बजरी, पत्थर निकाला जाता है और शरेआम क्रेशर पर क्रश कर बेचा जाता हैै। पूछने पर स्टॉक मैटिरियल का हवाला देकर अपने आपको पाक साफ होने का ढोंग रचने वाले क्रैशर मालिक इस मैटिरियल का कोई एम फार्म तथा नियमानुसार बिल भी नहीं देते।
हैरानी की बात है कि अगर नदियों, खड्डों, नालो में जगह-जगह विना बरसात से गहरे गड्ढे कहां से आए। विश्वास सूत्रों से पता चला है कि खनन माफिया हर सता साइड बदलकर स्थानीय लोगों को चकमा देकर अवैध खनन को अंजाम देता है। अगर कोटला, बडेड, जोलना की खबर लग गई तो इस खनन माफिया गिरोह ने ढमीण, अनूही, रजोल सड़क से ट्रैक्टरों द्वारा भारी मात्रा में अवैध खनन सामग्री निकलवाई जा रही है।
सव जिम्मेवार विभागों को पता होते हुए भी किसी के कान तक जूं रेंगती। उल्टा सव विभाग आंखें मूंद कर न जाने किस लालच से उनकी सहायता कर रहे हैं। कोटला के स्थानीय युवक सुमित के साथ शराब के नशे में पुलिस की हाथापाई किसी अवैध खनन कारोबार से जुड़े तारों का नतीजा है। जो खाकी वर्दी पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
हद तो तब होती है जब मामला प्रदेश के उद्योग मंत्री से लेकर डीसी, एसडीएम तक के ध्यान में हो और अवैध कार्यकारियों पर कोई कार्रवाई न कर उन्हें बचाया जाए। तो सरकार की नियत पर भी उंगली उठानी लाजमी है। कि कही हाथी के दांत खाने के और दिखाने के और बाली कहावत तो चरितार्थ नहीं हो रही है।
सरकार के मंत्री के आदेश के बावजूद कार्रवाई जीरो होना लोगों के गलों से नहीं उतर सकती है। सारी रात पुलिस के दरवाजे से सैकड़ो ट्रक, टिप्पर रेत, बजरी , पत्थर लेकर पुलिस से हाथ मिलाकर निकलते हैं। शिकायत पर भी कोटला पुलिस कार्रवाई करने को तैयार नहीं है। इसी संदर्भ में कोटला के युवक की पुलिस से हाथापाई हो गई थी कोई कार्रवाई नहीं है उल्टा दोषियों की शरण व पीड़ित को धमकाया जा रहा है।

