खज्जियार में विधानसभा चुनाव से पहले खोला जाए पीएचसी, नहीं तो करेंगे चुनाव का बहिष्कार

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चम्बा- भूषण गुरुंग

पर्यटन स्थल खज्जियार में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नहीं खुलने पर पंचायत के लोग विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे। ग्रामीणों का कहना है कि वे अब नेताओं के आश्वासनों से तंग हो चुके हैं। चुनाव नजदीक आने पर राजनीतिक पार्टी के नेता पीएचसी खोलने का वादा करके लोगों से वोट ले लेते हैं, जबकि चुनाव जीतने के बाद कोई दोबारा इस मुद्दे पर चर्चा नहीं करता।

इससे नाराज खज्जियार के लोगों ने अब चुनाव का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। इसके लिए ग्रामीणों ने सरकार के नुमाइंदों को भी सूचित कर दिया है। ग्रामीणों ने साफ किया है कि विस चुनाव से पहले खज्जियार में पीएचसी नहीं खोला गया तो ग्रामीण वोट डालने के लिए अपने घरों से बाहर नहीं निकलेंगे। मतदान केंद्रों से मत पेटियां खाली लौटाई जाएंगी।

खज्जियार के उपप्रधान अमर चंद सहित ग्रामीणों अशोक कुमार, विक्रम कुमार, चंद्रेश, पृथी चंद, मदन लाल, राकेश कुमार, सोनू और लाल चंद ने बताया कि पीएचसी खुलने से ग्राम पंचायत कोहलड़ी, औड़ा, सिंगी, रठियार, बसोधन और खज्जियार के सैकड़ों लोगों को लाभ मिलेगा।

मौजूदा समय में यहां स्वास्थ्य सुविधा के लिए आयुर्वेदिक डिस्पेंसरी खोली गई है, जहां चार सालों से कोई डॉक्टर नहीं है। फार्मासिस्ट के सहारे डिस्पेंसरी चलाई जा रही है। ऐसे में लोगों को अपनी बीमारी का उपचार करवाने के लिए 27 किलोमीटर का सफर तय करके मेडिकल कॉलेज चंबा जाना पड़ता है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर कपिल शर्मा ने बताया कि यदि ग्रामीण ग्राम सभा में प्रस्ताव बनाकर उन्हें देते हैं तो उसे स्वीकृति के लिए सरकार को भेजा जाएगा। सरकार के पास पीएचसी खोलने की शक्ति होती है।

सतीश कुमार ने बताया कि खज्जियार में पीएचसी खोलने का मुद्दा राजनीतिक बन चुका है। चुनाव के दौरान इस मुद्दे को जोरशोर से उठाया जाता है। बाद में कोई नेता इस मुद्दे को विधानसभा में नहीं उठाता। यही कारण है कि आज तक यहां पीएचसी नहीं खुल पाई है।

सुरजीत कुमार ने बताया कि खज्जियार में पीएचसी खुलने से पांच पंचायतों के लोगों को लाभ मिलेगा। लेकिन, इन पंचायतों की सुविधा के लिए भाजपा या कांग्रेस की सरकारें आज तक गंभीरता नहीं दिखा पाई हैं।

विपिन शर्मा ने बताया कि कहने को खज्जियार देशभर में विख्यात पर्यटन स्थल है लेकिन, यहां पर स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है। पर्यटकों सहित स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य सुविधा लेने के लिए भटकना पड़ता है।

मदन लाल ने बताया कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को घर-द्वार स्वास्थ्य सुविधा देने की बात करती है। लेकिन, खज्जियार में लोग इस सुविधा के लिए तरस रहे हैं। मरीजों को इलाज के लिए 27 किमी का सफर तय करना पड़ रहा है।

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