क्षेत्र की अनदेखी के लिए विधायक जिम्मेदार : सरीन
चम्बा – भूषण गुरुंग
पंजाब और हिमाचल में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हिमाचल और पंजाब के मुख्यमंत्रियों ने चंडीगढ़ में बैठक की। इसके बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री ने आनंदपुर साहिब से श्री नयनादेवी और पठानकोट से डलहौजी के लिए दो रोप-वे बनवाने की इच्छा जताई।
इसे दोनों मुख्यमंत्रियों ने प्रेस के समक्ष हरी झंडी दिखाने की बात कही है। श्री आनंदपुर साहिब से श्री नयनादेवी रोपवे का कार्य तो शुरू हो गया लेकिन पठानकोट से डलहौजी रोपवे का कहीं जिक्र तक भी नहीं है।
आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता मनीष सरीन ने क्षेत्र की इस अनदेखी के लिए डलहौजी के विधायक की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है।
उन्होंने कहा कि डलहौजी क्षेत्र में पर्यटन विकास के मद्देनजर दशकों से कोई बड़ी परियोजना नहीं लाई गई है। इसके चलते डलहौजी पर्यटन की दृष्टि से प्रदेश के अन्य पर्यटन स्थलों की अपेक्षा काफी पिछड़ गया है और यह बात किसी से छिपी नहीं है।
डलहौजी के विधायक पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि दशकों बाद डलहौजी क्षेत्र को पर्यटन विकास के नजरिये से दो प्रदेशों से एक बड़ी परियोजना की सौगात मिली है लेकिन विधायक की नजर में इस परियोजना की कोई अहमियत नहीं है।
यदि विधायक की नजर में पठानकोट से डलहौजी रोपवे जैसी महत्वपूर्ण परियोजना का जरा भी महत्व होता वह श्री आनंदपुर साहिब से श्री नयनदेवी रोपवे परियोजना का काम शुरू होते ही हरकत में आ जाते लेकिन ऐसा नहीं हो पाया है।
विधायक को सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि यदि वे क्षेत्र में पर्यटन विकास को लेकर चिंतित हैं तो नींद से जागें और अपने निजी स्थानीय कार्यक्रमों को छोड़ कर पठानकोट से डलहौजी रोपवे परियोजना को अमलीजामा पहनाने के संदर्भ में हिमाचल प्रदेश और पंजाब दोनों सूबों के मुख्यमंत्रियों से मिलें।

