कंपनी दावा करती थी कि वह ट्रेडिंग करती है, जो भी व्यक्ति उनके पास पैसा निवेश करता था, उसे स्टांप पेपर के ऊपर लिखकर देती थी।
हिमखबर डेस्क
क्रिप्टो करेंसी के बाद अब हिमाचल से जुड़ा 210 करोड़ का फोरेक्स ट्रेडिंग घोटाला सामने आया है। धोखाधड़ी का यह नेटवर्क हिमाचल, पंजाब, गोवा, चंडीगढ़ और गुजरात में फैला हुआ है।
जानकारी के अनुसार शेयर बाजार में पैसा लगाने के नाम पर 210 करोड़ रुपये का फर्जीवाड़ा सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एक आरोपी को दिल्ली एयरपोर्ट से दबोचा गया। शातिर विदेश भागने की फिराक में था।
क्यूएफएक्स ट्रेड कंपनी का हिमाचल, पंजाब, गोवा, गुजरात व चंडीगढ़ तक नेटवर्क फैला है।शिकायतों के बाद मंडी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए हरियाणा और दिल्ली से घोटाले के दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वित्तीय जांच के दौरान तीस लाख के करीब बीस खाते फ्रीज किए हैं।
मंडी जिले के नागचला और जीरकपुर में दफ्तर को सील भी कर दिया गया है। आरोपी दिल्ली व अंबाला के रहने वाले हैं। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है। वहीं डेढ़ दर्जन से अधिक खाते फ्रीज किए हैं। इन खातों में 30 लाख रुपये थे। हजारों लोगों ने कंपनी में हाई रिटर्न के लिए निवेश किया था। आरोपी लोगों से धनराशि लेते रहे। बाद में रिटर्न न मिलने पर पुलिस तक यह मामला पहुंचा।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंडी सौम्या सांबशिवन के बोल
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंडी सौम्या सांबशिवन ने बताया कि दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। सूत्र बताते हैं कि कंपनी दावा करती थी कि वह ट्रेडिंग करती है, जो भी व्यक्ति उनके पास पैसा निवेश करता था, उसे स्टांप पेपर के ऊपर लिखकर देती थी।
पोस्टपेड चेक पहले ही देकर भरोसा जीता जाता था। बताया जा रहा है कि पिछले दो सालों से कंपनी कार्य कर रही है। अधिक निवेश करवाने वाले लोगों को कंपनी उदाहरण के तौर पर पेश करती थी और उन्हें विदेश दौरे भी करवाती थी।
इस तरह मामले आए सामने
पहले तो शातिर निवेशकों को आश्वासन के मुताबिक इंटरस्ट देते रहे। बाद में इंटरेस्ट देना बंद करके कार, महंगी बाइक, फ्लैट या विदेशी दौरे का झांसा देने लगे। कुछ को इन झांसों का लाभ भी दिया। लेकिन जब इंटरेस्ट नहीं मिला और कोई वायदा पूरा करना शातिरों ने बंद कर दिया तो लोगों को ठगी का अहसास हुआ।
तीन लोगों ने मंडी पुलिस से इसकी शिकायत की। पुलिस ने तत्परता से काम करते हुए मामले की जांच शुरू की। फाइनांशियल जांच के लिए संबंधित इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को सूचित किया गया। कंपनी के बैंक अकाउंटस में हुई विभिन्न ट्रांजेक्शनस से 210 करोड़ का घोटाला सामने आया है। पुलिस के अनुसार जैसे जैसे जांच का दायरा बढ़ेगा घोटाले की रकम और धोखाधड़ी का शिकार लोगों की संख्या बढ़ेगी।

