
कोटला, स्वयंम
कोरोना महामारी रोकथाम हेतु आशा वर्करों के साथ नियुक्त किए जाने चाहिए स्वस्थ्य जानकारी रखने वाले प्रशिक्षित कर्मचारी। साधू राम राणा पूर्व पंचायत समिति सदस्य एवं वर्तमान उपप्रधान पंचायत डोल भटहेड़ ने प्रेस वार्ता में कहा कि जितने भी कोरोना पीड़ित रोगी घरों में होम क्वांरटायन किए जा रहे हैं ।
उनकी देखभाल का जिम्मा सीधे तौर पर स्वस्थ्य जानकारी हेतु अनट्रेंड आशा वर्करों को सौंपा जा रहा है । जबकि कोरोना एक जानलेवा वीमारी की दृष्टि से साबित हो चुकी है । अतः इन हालातों में कोरोना के मरीजों की होम आइसोलेशन हालत में देख भाल सीधे तौर पर अनट्रेंड आशा वर्करों को सौंपा जाना बहुत बड़ा जोखिम है।
क्योंकि घरों में आइसोलेशन हालत में कोरोना मरीज़ जब भी अपनी वीमारी की समस्या के बारे में आशा वर्करों से बात करते हैं तो आशा वर्कर कोरोना मरीजों को संतुष्ट करने में सक्षम नहीं दिखाई देती हैं। इसलिए सरकार से मांग की जाती है जो बहुत से स्वस्थ्य सेवाओं की जानकारी रखने वाले प्रशिक्षित बेरोजगार नौकरी की आशा लेकर इंतजार में बैठे हुए हैं ।
उनकी नियुक्ति अनुबंध आधार पर होम आइसोलेशन मरीजों की देखभाल के लिए की जाए । क्योंकि कोरोना प्रभावित मरीज अधिकतर संख्या में घरों में ही आइसोलेशन पर रखे जा रहे हैं । इसलिए खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रामक मरीजों की जांच पड़ताल एवं देखभाल का जिम्मा परीक्षण प्राप्त कर्मचारियों को सौंपा जाना जनहित में बहुत ही जरूरी है।
