
कोटला – स्वयंम
कोटला में आयोजित की जा रही श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान सप्ताह के पांचवें दिन के कथा प्रसंग में कथा वक्ता बद्री प्रसाद शास्त्री ने कहा कि हम सब ने संसार में इतनी चिंताएं पाल रखी हैं कि हमें जिंदगी साफ नहीं दिखाई देती। इस वज़ह से हम खुलकर अपने अच्छे कामों को गति नहीं दे पाते। हमारे सिर पर भय के बोझ ने हमारी सोचने की क्षमता और व्यर्थ की गतिशीलता बहुत कम कर दी है।
इस दुनिया में कुछ लोग ऐसे मिलते हैं जिनमें अपार क्षमता थी वह साथी अपार शंकायें भी थी। वह सभी अपनी क्षमता के अनुसार न तो व्यापार को ऊंचाई पर पहुंचा पाए और न ही जिंदगी के मजे ले पाए। उन्होंने कहा कि एक आत्मविश्वास से सराबोर एक व्यक्ति के सामने बड़ी बड़ी समस्याएं बौनी दिखाई देती हैं।
ऐसे व्यक्ति यदि कम पढ़े लिखे भी हों तो बहुत ही सफल व्यक्ति कहलाते हैं। बहुत से निराश लोग उनके पास जाते हैं और वह अपनी बातचीत और समझ से उनकी आवश्यक चिंताओं को दूर कर परिस्थितियों का सामना करने की हिम्मत पैदा कर देते हैं।
इस अवसर पर सैंकड़ों लोग उपस्थित होकर मद् भागवत कथा का श्रवण कर अमृत लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
