
कोटला – स्वयम
मुख्यमंत्री की कोटला रैली को लेकर पूरे क्षेत्र के लोगों में चर्चा है कि मुख्यमंत्री के कोटला आगमन पर राष्ट्रीय मछुआरा प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य व कोटला पंचायत के पांच बार पंचायत प्रधान व जिला परिषद सदस्य योगराज मेहरा और अब प्रदेश भाजपा ओबीसी उपाध्यक्ष है।
उनसे किसी को न तो समानित करवाया न ही उनका स्टेज पर नाम लिया गया। उन्होंने पार्टी में 40 साल का सफर तय कर लिया है। और 30 वर्षों से लोगों की सेवा की है।
ज्वाली विधानसभा क्षेत्र में ओबीसी बहुल्य है। और ओबीसी बिरादरी व क्षेत्र वासियों में इस बात को लेकर भारी रोष है। और प्रदेश भाजपा कार्यसमिति सदस्य प्रदीप शर्मा का नाम भी लेना उचित नहीं समझा।
जिला अध्यक्ष रमेश राणा को की भूले
लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री को नामों की लिस्ट दी जाती है। जिसमें विधायक, मंडल अध्यक्ष मे विचार विमर्श किया जाता है। तब लिस्ट फाइनल होती है। जबकि इन कद्दावर नेताओं का पैतृक इलाका है।
लोगों ने एतराज जायज है। और गुटबाजी का एक पड़ाव बताया है। जिससे आने वाले विधानसभा चुनावों में पार्टी दो गुटों में नजर आएगी तो अतिशयोक्ति नहीं होगी।
