कोटला –: व्युरो
प्रदेश में कोरोना महामारी की चेन को तोड़ने के लिए पंचायत स्तर पर टास्क फोर्स का गठन किया गया है ताकि विवाह सहित अन्य समारोहों में नजर रखी जा सके लेकिन कहीं भी टास्क फोर्स दिखाई नहीं देती है। सरकार द्वारा पंचायतों में लोगों को जागरूक करने के लिए टास्क फोर्स का गठन किया है लेकिन टास्क फोर्स लोगों को जागरूक नहीं कर रही है।
पंचायतों में गठित टास्क फोर्स सिर्फ प्रशासन की आंखों में धूल झोंक रही हैं जबकि धरातल पर कुछ भी नहीं कर रही हैं। इसका साक्षात प्रमाण कोटला पंचायत के बल्ला में देखने को मिला। टास्क फोर्स द्वारा शादी वाले परिवार को जागरूक नहीं किया गया जिस कारण उनको प्रशासन द्वारा पांच हजार रुपए जुर्माना किया गया।
कोटला पंचायत में भी लोगों को जागरूक करने के लिए टास्क फोर्स का गठन किया गया है लेकिन 5 जून को रात्रि नायब तहसीलदार जीवन शर्मा ने चौकी प्रभारी कोटला संजय शर्मा को साथ लेकर बल्ला में हो रही लड़की की शादी में दबिश दी तो रसोइया लगाकर 200 लोगों का खाना बनाया गया था तथा परिवारवालों को पांच हजार रुपए जुर्माना ठोंका गया।
सवाल उठता है कि आखिरकार पंचायत की टॉस्क फोर्स कहां पर थी या फिर कहीं टास्क फोर्स के इशारे पर इस कार्य को किया जा रहा था। प्रशासन ने लड़की के परिवार वालों को पांच हजार रुपए जुर्माना लगा दिया। गरीब परिवार जैसे-तैसे शादी करवा रहे हैं और ऊपर से उनको पांच हजार रुपए जुर्माना हो जाए तो यह सब उस परिवार पर पहाड़ गिरने के माफिक होगा।
लगातार विवाह-शादियां हो रही हैं लेकिन टास्क फोर्स विवाह-शादियों का निरीक्षण करती कहीं नहीं दिखती हैं और न ही लोगों को जागरूक कर रही हैं। ऐसे में सरकार का पंचायत स्तर पर टास्क फोर्स गठन का औचित्य क्या है? कोरोना महामारी को रोकने के लिए गठित टास्क फोर्स के होते हुए भी विवाह-शादियों में सरकार की गाइडलाइन की अवहेलना हो रही है।
बुद्धिजीवियों ने कहा कि प्रशासन अगर किसी पंचायत में ऐसे मामले पकड़ता है तो उस परिवार के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ-साथ उस पंचायत में गठित टास्क फोर्स के खिलाफ भी आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत केस दर्ज होना चाहिए जिसके बाद टास्क फोर्स कभी भी कोई अनदेखी नहीं करेगी।
एसडीएम जवाली कृष्ण कुमार शर्मा के बोल:
इस बारे में एसडीएम जवाली कृष्ण कुमार शर्मा ने कहा कि पंचायत स्तर पर गठित टास्क फोर्स अपना दायित्व निभाए। उन्होंने कहा कि लोगों को जागरूक करें। उन्होंने जनता से भी अपील की है कि किसी के झांसे में न आएं तथा सरकार की गाइडलाइन का पालन करें अन्यथा सरकार की गाइडलाइन की पालना न करना महंगा पड़ सकता है। सरकार की गाइडलाइन की अनदेखी करने पर किसी परिवार के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है।