एक सप्ताह में कैप्टन संजय पराशर ने जालंधर के निजी अस्पताल में करवाया नि:शुल्क इलाज
परागपुर-आशीष कुमार
जसवां-परागपुर क्षेत्र को मोतियाबिंद मुक्त करवाने के लिए कैप्टन संजय अनथक प्रयास कर रहे हैं। मेडिकल कैंपों में चिकित्सकों द्वारा सुझाए गए मोतियाबिंद के मरीजों का उपचार करवाने में वह जरा देर नहीं करते हैं। इसका अंदाजा यहीं से लग जाता है कि उन्होंने पिछले एक सप्ताह में 137 मरीजों के मोतियाबिंद के सफल आपरेशन करवाए गए हैं। ये मरीज रक्कड़ और नंगल चौक के मेडिकल कैंपों में आए थे।
इन मरीजों का इलाज जालंधर स्थित निजी अस्पताल में हुआ है। दसअसल आम जनता व विशेष रूप से बुजुर्गों की सेवा में लगे संजय पराशर जसवां-परागपुर क्षेत्र के विभिन्न गांवों में स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन कर रहे हैं। उनका मकसद है कि जसवां-परागपुर क्षेत्र को मोतियाबिंद मुक्त करना। इसकी शुरुआत इसी वर्ष फरवरी के अंत में स्वाणा गांव में की गई थी, लेकिन कोरोना की दूसरी लहर हावी होने के बाद और चुनाव आचार संहिता के चलते कई दिनों के लिए इन मेडिकल कैंपों पर रोक लग गई थी।
बावजूद बीते नौ महीनों ने उन्होंने पंद्रह मेडकिल कैंप इस क्षेत्र में आयोजित किए। मेडिकल कैंपों में जसवां-परागपुर क्षेत्र के अलावा आसपास की पांच विधानासभा क्षेत्र के मरीजों को भी फायदा मिला है। बड़ी बात यह भी है कि इन मेडिकल कैंपों में इलाज करवाने के लिए पराशर द्वारा कोई मापदंड तय नहीं किए गए हैं, जो भी व्यक्ति कैंप में पहुंच गयाए उसकी जांच उसी समय हो जाती है।
मंगलवार को मोतियाबिंद का आपरेशन करवा कर पहुंचे अप्पर भलवाल की चंचला देवी, बेह-टोंटर की सिमरो देवी, चन्नौता से कश्मीर सिंह, नारी-घाटी से स्वरूप सिंह, चटवाल से संध्या देवी, डाडासीबा से अश्वनी कुमार और रक्कड़ से पुष्पा देवी ने बताया कि संजय पराशर ने उनके लिए बस सेवा उपलब्ध करवाई और जांलधर में आवास व भोजन की भी बेहतरीन व्यवस्था की गई थी।
उन्होंने बताया कि संजय के कारण ही वे अपनी आंखों का चेक करवा पाए और यह सुविधा भी उन्हें घर द्वार पर ही मिली। उधर, पराशर ने बताया कि एक सप्ताह के भीतर 137 आंखों के आपरेशन हुए हैं। उन्होंने सभी मोतियाबिंद का आपरेशन करवाने वाले मरीजों को बधाई भी दी।