देहरा, मनु
आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद देहरा इकाई द्वारा एक बार पुनः शिक्षा का बहिष्कार किया और गेट पर ताला जड़ दिया. बीते 2 महीने 3 दिन पहले हमें डीएसडब्ल्यू द्वारा आश्वासन दिया गया था कि जो आपकी सभी मूलभूत मांगे है उनको 10 दिन में पूरा किया जाएगा. लेकिन 2 महीने बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन इन मांगों पर कोई गौर नहीं किया गया। इससे साफ जाहिर होता है कि प्रशासन 2 साल से सिर्फ आश्वासन दिए जा रहा है परंतु जमीनी स्तर पर काम नहीं दिख रहा है.
इससे साफ जाहिर होता है कि किस प्रकार यूनिवर्सिटी प्रशासन अपने काम के प्रति उत्तरदाई नहीं है और मजबूरन छात्रों को आंदोलन करना पड़ रहा है. इकाई सचिव सुनील ठाकुर ने कहा कि जहां कोरोना काल के बाद शिक्षा सुचारू रूप से चलनी थी वहीं छात्रों को अपनी मूलभूत सुविधाओं के लिए यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ अपनी कक्षाओं का बहिष्कार करने तक मजबूर होना पड़ रहा हैं. कक्षा में ना तो ब्लैकबोर्ड है ना ही बैठने की पूर्ण व्यवस्था है। लाइब्रेरी में मात्र 30 छात्रों की बैठने की व्यवस्था है जबकि विश्वविद्यालयों में छात्र छात्रों की संख्या 400 से अधिक है।
इकाई सचिव ने कहा कि जब तक केंद्रीय विश्वविद्यालय परिसर में मूलभूत सुविधाएं प्रदान नहीं होती है तब तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद अपने आंदोलन को जारी रखेगी । विश्वविद्यालय प्रशासन बार-बार अपने नकारात्मक रवैया से छात्र हितों में असंतोष पैदा कर रहा है जिससे मजबूरन होकर विद्यार्थी परिषद आज शिक्षा प्रणाली को बंद कर रहा है। ज़िला संयोजक हेमंत ठाकुर ने कहां की जब तक यूनिवर्सिटी प्रशासन का कोई भी अधिकारी (बी सी , रजिस्टार) देहरा परिसर में नहीं आते है या देहरा परिसर की मूलभूत सुविधाओं को पूरा नहीं किया जाता है तो आने वाले समय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद अपने आंदोलन को और उग्र रूप देगी जिसका खामियाजा विश्वविद्यालय प्रशासन को भुगतना पड़ेगा।