मंडी – अजय सूर्या
किसानों पर हो रहे दमन तथा मोदी सरकार की किसान विरोधी नीतियों के विरोध के खिलाफ आज मंडी के सेरी चांदनी में धरना प्रदर्शन किया गया। इस प्रदर्शन में अखिल भारतीय किसान सभा, सीटू, महिला समिति, नौजवान सभा के कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
इस अवसर पर किसान सभा जिला सचिव रामजी दास , सीटू प्रधान भूपेंद्र सिंह, जिला सचिव राजेश कुमार, गुरदास, जनवादी महिला समिति राज्य अध्यक्ष बिना वैद्य, नौजवान सभा राज्य अध्यक्ष सुरेश सरवाल ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार और हरियाणा की खट्टर सरकार किसान ने किसानों पर घोर दमनात्मक कार्यवाही की है।
मोदी सरकार कॉरपोरेटस के हित साधने के लिए लगातार किसानों का गला घोंटा रही है। सरकार ने किसानों से किए एक भी वायदे को पूरा नहीं किया। मोदी सरकार ने न तो एमएसपी का कानून बनाया, न बिजली विधेयक वापस लिया, न मुकद्दमे वापस लिए और न ही स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू किया।
हाल ही में किसानों पर बर्बर गोलियां दागने, अश्रुगैस के गोले दागने, रबड़ बुलेट दागने से यह सिद्ध हो गया कि बीजेपी सरकार कॉरपोरेट की नौकर बनकर रह गई है तथा अंग्रेजों की तरह ही किसानों, मजदूरों का दमन करती है।
उन्होंने कहा कि देश भर के किसान भारत को विश्व व्यापार संगठन से बाहर निकलने की मांग कर रहे हैं। विश्व व्यापार संगठन की 13 वीं मंत्री स्तरीय कांफ्रेंस 26 से 29 फरवरी तक आबू धाबी में होने जा रही है। डब्ल्यूटीओ पर विकसित साम्राज्यवादी देशों का वर्चस्व है और भारत जैसे विकासशील देशों पर वे अपनी एकतरफा शर्तें थोपते हैं।
सब्सिडी घटाने और न्यूनतम समर्थन मूल्य हटाने का दबाव भी उन देशों का है ताकि उनके कम खर्च पर पैदा हुए कृषि उत्पादन भारत की मार्केट में छा जाएं और भारतीय किसानों के उत्पादन पिट जाएं।
इस प्रदर्शन के माध्यम से किसानों के लिए एमएसपी का कानून बनाने, बिजली विधायक को निरस्त करने, किसानों का दमन रोकने, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की मांग के साथ ही साम्राज्यवादी वर्चस्व वाले विश्व व्यापार संगठन से भारत के बाहर निकलने की मांग भी प्रमुख है।
सभी संगठनों ने आवाहन किया कि आने वाले लोकसभा चुनाव में आम जनता विरोधी सरकार को हारने के लिए सभी संगठन मिलकर काम करेंगे।