काले झंडे लगाकर सोमवार से सरकार का विरोध करेंगे निजी बस ऑपरेटर

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शिमला, जसपाल ठाकुर

हिमाचल प्रदेश निजी बस ऑपरेटर संघ सोमवार से प्रदेश सरकार का विरोध करेगा। संघ का कहना है कि लंबे समय से निजी बस आॅपरेटर संघ सरकार से अपनी मांगों को पूर्ण करने के लिए बोल रहा है, परंतु सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। इसी कारण सोमवार से प्रदेश में चलने वाली सभी निजी बसों में काले झंडे लगाकर सरकार का शांतिपूर्वक विरोध करेंगे।

उसके बाद 24 मार्च को सभी जिला की यूनियन डीसी के माध्यम से सरकार को ज्ञापन देगी कि अगर 29 मार्च से पहले पहले सरकार द्वारा निजी बस ऑपरेटरों को बातचीत के लिए नहीं बुलाया तथा निजी बस ऑपरेटरों की मांगों पर कोई फैसला नहीं लिया गया तो प्रदेश के निजी बस ऑपरेटर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे जिसमें कि धरना, प्रदर्शन, भूख हड़ताल, आत्मदाह तथा चक्का जाम करने जैसा फैसला भी लिया जा सकता है।

प्रदेश निजी बस ऑपरेटर संघ की एक बैठक वर्चुअल माध्यम से प्रधान राजेश पराशर की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें 273 लोगों ने भाग लिया । इसमें सभी जिला के पदाधिकारी भी शामिल थे, बैठक में सरकार द्वारा निजी बस ऑपरेटर को कोई राहत ना दिए जाने बारे चर्चा हुई जिसमें कि टेक्स माफी एवं वर्किंग कैपिटल मुख्य मुद्दा रहा। सर्वसम्मति यह प्रस्ताव पारित किया गया कि निजी बस ऑपरेटरों के कई प्रतिनिधिमंडल कई बार सीएम एवं परिवहन मंत्री से मिले लेकिन मात्र आश्वासन के अलावा कोई भी कार्रवाई उनकी मांगों पर नहीं हुई। इसलिए सर्वसम्मति से शांति पूर्वक विरोध करने का फैसला किया गया।

गौरतलब है कि हिमाचल प्रदेश की निजी बस ऑपरेटर पिछले 7 महीने से 30 मार्च 2021 तक टैक्स माफी की मांग कर रहे हैं लेकिन सरकार द्वारा बार-बार आश्वासन दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त सरकार द्वारा कैबिनेट में यह प्रस्ताव पारित किया गया था कि हिमाचल प्रदेश के निजी बस ऑपरेटर को प्रति बस दो लाख रूपये की राशि कार्यशील पूंजी के रूप में दी जाएगी जबकि फ्लीट और न कोई हो राशि बीस लाख रुपए दी जानी थी लेकिन सरकार द्वारा कैबिनेट में पारित किए गए इस प्रस्ताव पर भी अमलीजामा अभी तक नहीं पहनाया गया है जबकि वर्किंग कैपिटल वाला मुद्दा होटल एसोसिएशन के साथ लगाया गया था तथा होटल मालिक को तो यह राशि कार्यशील पूंजी के रूप में जारी कर दी गई है लेकिन निजी बस ऑपरेटर अभी भी इसका इंतजार कर रहे है और प्रदेश सरकार द्वारा अभी तक इस पर कोई फैसला नहीं लिया क्या है।

आज हुई वर्चुअल बैठक में हिमाचल प्रदेश निजी बस ऑपरेटर संघ के प्रदेश महासचिव रमेश कमल, उपाध्यक्ष वीरेंद्र गुलेरिया, सचिव कुलबीर गिल, अमित चड्ढा, हिमालयन बस ऑपरेटर यूनियन शिमला के प्रधान वीरेंद्र कंवर, पूर्व प्रधान जय गोपाल राजटा, जय मां भीमा काली निजी बस ऑपरेटर यूनियन रामपुर के प्रधान मनीष शर्मा,महासचिव राकेश छोलटा, जिला कांगड़ा के प्रधान रवि दत्त शर्मा, मुन्ना वालिया, निपुण गलोढा, मनमोहन बेदी, अजय परिहार, चंबा जिला के प्रधान रवि दत्त शर्मा, सिरमौर जिला के प्रधान मामराज शर्मा, अखिल शर्मा, बलविंदर, जिला मंडी के चेयरमैन गुलशन कुमार, अरविन्द चैहान, हमीरपुर से राजकुमार, मनोज कुमार, भारत भूषण शर्मा, ऊना से रामकिशन, सोलन से मनदीप ढल, नालागढ़ से मनोज राणा, बिलासपुर के प्रधान राजेश पटिआल,महासचिव राहुल चैहान, कुल्लू से रजत ठाकुर, रोहड़ू यूनियन के प्रधान राजू नाहटा सहित कई पदाधिकारियों ने भाग लिया।

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