कांग्रेस के निशाने पर मंडी विश्वविद्यालय की भर्तियां

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धर्मपुर के विधायक चंद्रशेखर ने विधानसभा में उठाया मामला

मंडी – अजय सूर्या

सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी में हुई भर्तियां में भ्रष्टाचार के आरोपों की गंूज अब विधानसभा तक पहुंच गई है। कांग्रेस नेता पूर्व भाजपा सरकार के समय से ही विश्वविद्यालय में भर्तियों को लेकर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते रहे हैं।

अब यह मामला विधानसभा के बजट सत्र में भी धर्मपुर के विधायक चंद्रशेखर ने उठाया है। इसके बाद न सिर्फ सरकार पर जांच का दबाब बढ़ा है, बल्कि इस मामले में अब किसी भी समय सरकार विजिलेंस जांच के आदेश भी कर सकती है।

धर्मपुर के विधायक चंद्रशेखर को प्रदेश सरकार ने अब सरदार पटेल विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद का सदस्य भी नियुक्त कर दिया है।

इसके बाद सरकार की मंशा भी विश्वविद्यालय में हुई भर्तियों की जांच को लेकर दिख रही है। हालांकि इस मामले को लेकर अब भाजपा कांग्रेस के बीच सीधा टकराव भी दिख रहा है।

एक तरफ जहां मंडी से कांग्रेस के इकलौते विधायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय की जांच को लेकर मोर्चा खोले हुए हैं, तो वहीं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर मंडी विश्वविद्यालय के बचाव में उतरे हैं।

विधानसभा में विधायक चंद्रशेखर ने सरदार पटेल विश्वविद्यालय के साथ ही वल्लभ महाविद्यालय मंडी में भी सेल्फ फाइनासिंग स्कीम के तहत धन के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है।

बता दें कि मंडी विश्वविद्यालय में पूर्व सरकार के समय हुई भर्तियों को लेकर कांग्रेस नेता शुरू से ही आरोप लगाते आए हैं। इस मामले में कुछ लोगों द्वारा सूचना के अधिकार के तहत जानकारी भी एकत्रित की गई है, जिसमें कांग्रेस नेताओं के आरोपों को बल भी मिलता दिखा है।

अब धर्मपुर के विधायक चंद्रशेखर ने बजट सत्र में इस मामले को उठा कर इस मुद्दे को और गरमा दिया है। इसके बाद अब सरकार पर इस मामले में जांच करवाने को लेकर भी दबाब बढ़ गया है।

सूत्र बताते हैं इस मामले में कुछ महीने पहले शिक्षा विभाग ने अपने स्तर पर जांच के आदेश भी दिए थे, लेकिन बाद में यह आदेश वापस ले लिए गए।

भर्तियों को लेकर जयराम-चंद्रशेखर आमने-सामने

सरदार पटेल विश्वविद्यालय के मामले को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी सरकार को पिछले कई महीनों से घेरने का प्रयास कर रहे हैं। उनका आरोप है कि प्रदेश सरकार मंडी विश्वविद्यालय को बंद करना चाहती है। इसलिए यहां से स्टाफ को वापस भेजा गया और भर्तियों को लेकर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं।

दूसरी तरफ धर्मपुर के विधायक चंद्रशेखर का कहना है कि विश्व विद्यालय मंडी हर हाल में चलेगा और प्रदेश सरकार इसे चलाने में पूरी तरह से गंभीर है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि विश्वविद्यालय में भर्तियों से लेकर अन्य स्तर पर हुए भ्रष्टाचार को नजरअंदाज कर दिया जाए। इस मामले को विधानसभा में रखा गया है।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आश्वासन दिया है कि इस मामले में शीघ्र ही विजिलेंस जांच के आदेश सरकार देगी। उन्होंने कहा कि मैंने ने भी अब विश्व विद्यालय से रिकार्ड मांगा है। पूर्व सरकार के समय किस तरह से चहेतों को लाभ देकर योग्य उम्मीदवारों को बाहर किया गया है, इसका सच जनता के सामने आना चाहिए।

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