
हिमखबर – डेस्क
हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। आम आदमी पार्टी ने प्रत्याशी घोषित करने की पहली कर दी है। अब कांग्रेस भी जल्द ही अपने पत्ते खोल देगी। कांग्रेस स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में 47 सीटों पर नाम लगभग तय कर लिए हैं।
हिमाचल प्रदेश की राजनीति में अहम जिला कांगड़ा में अभी पेंच फंसा हुआ है। यहां कांग्रेस ने 15 में से मात्र सात सीटों पर ही प्रत्याशी चुने हैं, जबकि बाकी सीटों पर उलझन बनी हुई है। कांग्रेस की टिकटें प्रस्तावित होने के साथ ही नेताओं की खींचतान बढ़ गई है।
जिला कांगड़ा के पालमपुर विधानसभा क्षेत्र से आशीष बुटेल, फतेहपुर से भवानी सिंह पठानिया, धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र से सुधीर शर्मा, नगरोटा बगवां से रघुवीर सिंह बाली, जवाली विधानसभा क्षेत्र से चंद्र कुमार, कांगड़ा से सुरेंद्र काकू, नूरपुर से अजय महाजन के नाम तकरीबन तय माने जा रहे हैं।
लेकिन अभी भी बैजनाथ, शाहपुर, जयसिंहपुर, देहरा, ज्वालामुखी, जसवां परागपुर, इंदौरा, सुलह आदि विधानसभा क्षेत्रों में अभी माथापची चल रही है। सबसे ज्यादा खींचतान शाहपुर, देहरा, जसवां परागपुर में चल रही है। हालांकि जिन विधानसभा क्षेत्रों में प्रत्याशी तय माने जा रहे हैं उनमें धर्मशाला व कांगड़ा में सबसे अधिक खटपट है।
धर्मशाला में सुधीर शर्मा का नाम तय माना जा रहा है, लेकिन विजय इंद्र करण व देवेंद्र जग्गी फ्रंट फुट पर आकर टिकट मांग रहे हैं और चुनाव प्रचार में जुट गए हैं। इसी तरह से कांगड़ा में भाजपा छोड़ कांग्रेस का दामने थामने वाले सुरेंद्र काकू का पार्टी कार्यकर्ताओं में विरोध हो रहा है। लेकिन पार्टी ने सुरेंद्र काकू का नाम तय करने के लिए प्रस्ताव आगे बढ़ा दिया है।
इसी तरह से देहरा में डाक्टर राजेश शर्मा के नाम की चर्चा चल रही है, लेकिन यहां पर ब्लाक अध्यक्ष हरिओम शर्मा का मैदान में कूदने से समीकरण बदले बदले हैं। शाहपुर हलके में केवल सिंह पठानिया सहित और नाम भी चर्चा में हैं। इस कारण पार्टी हाईकमान शाहपुर पर भी कोई फैसला नहीं कर पाई है।
