हिमखबर डेस्क
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जनपद के गिरिपार क्षेत्र से लोकतंत्र को गर्व महसूस कराने वाली एक बेहद भावुक और प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है।
जिला परिषद चुनाव के दौरान वार्ड नंबर-5 टिटीयाना निवासी दिव्यांग दुला राम ने अपने अदम्य साहस और मजबूत इरादों से यह साबित कर दिया कि सच्ची इच्छाशक्ति के सामने कोई भी बाधा बड़ी नहीं होती।
भीषण गर्मी और कड़कती धूप के बीच दुला राम बिना किसी सहारे और बिना व्हीलचेयर के घुटनों के बल मतदान केंद्र तक पहुंचे। मतदान करने के लिए उन्होंने पथरीले और कठिन रास्तों पर करीब 4 किलोमीटर का सफर तय किया।
उनके इस जज्बे को देखकर मतदान केंद्र पर मौजूद लोग भावुक हो उठे और हर कोई उनकी हिम्मत को सलाम करता नजर आया। दुला राम शारीरिक रूप से भले ही कमजोर हों, लेकिन लोकतंत्र के प्रति उनकी आस्था बेहद मजबूत दिखाई दी।
उन्होंने साबित कर दिया कि मतदान केवल अधिकार नहीं बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी भी है। वोट डालने के बाद दुला राम ने कहा कि शरीर से लाचार होना किसी व्यक्ति को उसके संवैधानिक अधिकारों और कर्तव्यों से दूर नहीं कर सकता।
उन्होंने कहा, “सरकार चुनने का अधिकार हमें संविधान ने दिया है। अगर मैं घुटनों के बल चलकर भी अपना वोट डाल सकता हूं, तो हर उस व्यक्ति को मतदान केंद्र तक जरूर पहुंचना चाहिए जिसके पैर सलामत हैं। वोट देना हमारा अधिकार भी है और कर्तव्य भी।”
दुला राम की यह बात वहां मौजूद लोगों के दिलों को छू गई। चुनावी माहौल के बीच उनकी यह तस्वीर अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। सोशल मीडिया पर भी लोग उनके जज्बे को लोकतंत्र की असली ताकत बता रहे हैं।
आज जब कई लोग मतदान के दिन को सिर्फ छुट्टी समझकर घरों में बैठे रहते हैं, ऐसे समय में दुला राम जैसे नागरिक समाज को एक बड़ी सीख दे रहे हैं। उनका यह साहस बताता है कि लोकतंत्र की असली ताकत वोट देने की भावना और जिम्मेदारी में छिपी होती है।
गिरिपार के इस दिव्यांग मतदाता ने अपने हौसले से न केवल मतदान किया, बल्कि हजारों लोगों को लोकतंत्र के प्रति जागरूक और प्रेरित भी कर दिया।

