
धर्मशाला- राजीव जस्वाल
ओल्ड स्टूडेंट्स एसोसिएशन द्वारा स्टेट वॉर मेमोरियल सिविल लाइंस धर्मशाला के सामने डॉ. डीएस कटोच के घर में
स्वतंत्रता सैनानी स्वर्गीय पंचम कटोच के सत्याग्रह को 100 साल पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम में ओल्ड स्टूडेंट्स एसोसिएशन अध्यक्ष केवल सिंह पठानिया सहित सभी पदाधिकारियों ओर सदस्यों ने स्वतंत्रता सैनानी स्वर्गीय पंचम कटोच के सत्याग्रह को 100 साल पूरे होने पर फूल अर्पित करके श्रधांजलि दी।
पठानिया ने कहा कि स्वतंत्रता सैनानी स्वर्गीय पंचम कटोच बिधानसभा शाहपुर हल्के से तालुक रखते थे और उनका पैतृक गांव लांजनी झिकड़ के रहने बाले थे। आज के दिन 10-03-1922 के धर्मशाला सत्याग्रह के उपलक्ष्य में दस मार्च को समारोह स्वतंत्रता सेनानी पंचम चंद कटोच व दो अन्य को गिरफ्तार किया गया लाला लाजपत राय ने भी आठ महीने धर्मशाला सत्याग्रह जेल में बिताए क्योंकि उन्हें वर्ष 1922 में यहां स्थानांतरित कर दिया गया था।
पठानिया ने कहा कि भगवान की कृपा रही तो आने बाले समय मे जिला कांगड़ा में स्वतंत्रता सैनानी पंचम कटोच की प्रतिमा स्थापित की जाएगी जिससे कांगड़ा जिला के बहुत महान हस्ती ने अपनी कुर्बानी थी।उनको सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब स्वतंत्रता सैनानी स्वर्गीय पंचम कटोच की प्रतिमा स्थापित होगी।
आर एल शर्मा का कहना है कि ब्रिटिश सरकार स्वर्गीय स्वतंत्रता सैनानी पंचम कटोच को आजादी के आंदोलन गिरफ्तार करके धर्मशाला की झेल में बंद किया था।उसके बाद ब्रिटिश सरकार ने लाला लाजपतराय,बाल गंगाधर तिलक,इनको भी शिफ्ट करके धर्मशाला की झेल में रखा गया था।
इनकी पढ़ाई भी 1913 में 10th तक यही धर्मशाला में ही पूरी हुई थी।क्योंकि उस समय यहाँ 10 th तक ही स्कूल होता था।बड़े गौरव की बात है कि स्वर्गीय स्वतंत्रता सैनानी पंचम कटोच हमारे इलाके के शान थे जिनोहने ने आजादी की लड़ाई लड़ कर हम्हे आजाद करवाया।
