
बद्दी/नालागढ़ – रजनीश ठाकुर
भारत की सरकार हर रोज रोजगार के नए नए आयाम स्थापित कर रही है हिमाचल सरकार भी बड़े-बड़े वायदे कर रही है लेकिन बद्दी की एक प्राइवेट कंपनी जिसका नाम एससी जॉनसन है कंपनी के वर्करों को 1 हफ्ते से ज्यादा दिन हो चुके हैं लेकिन आज भी उनकी समस्याओं का समाधान नहीं निकला जॉनसन कंपनी के जीएम और एचआर तो लेबर कोर्ट में आ रहे हैं लेकिन मीडिया के सवालों से बच कर निकले जा रहे हैं।
वर्करों का यह भी कहना है के आज दिल्ली से भी एक मेन हेड जो कंपनी को के लिए आए थे और जो वर्कर हड़ताल पर बैठे हैं। उनको कंपनी का पुराना कचरा बोलकर निकल गए। जब मजदूरों से इस बारे बात की गई तो उन्होंने कहा हमें बड़ा दुख हुआ यह सुनकर जीन वर्करों ने खून पसीने की कमाई से कंपनी को आगे बढ़ाया है। आज उन्हें कचरा बोलकर निकाल दिया।
जिनमें सभी वर्करों ने कहा यह सुनकर बड़ा दुख हुआ। वर्करों ने कहा कि ना हमारी सरकार सुन रही है ना लेबर कमिश्नर सुन रहे हैं ना कंपनी की मैनेजमेंट सुन रही है। कंपनी की मैनेजमेंट को तो किसी भी तरह का डर भी नहीं है। सैकड़ों मजदूरों का घर छीन कर बाहर बैठ गए हैं।
कंपनी में महिला वर्करों का कहना है कि एक तरफ सरकार कहती है कि बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ लेकिन आज हमारी नौकरी चली गई है। हमारी छोटी छोटी बच्चियां है जो स्कूल जाने से भी तंग हो रही है। नाही प्रदेश के मुख्यमंत्री इन खबरों की तरफ ध्यान दे रहे हैं, ना ही इंडस्ट्री मिस्टर विक्रम ठाकुर ध्यान दे रहे हैं।
अगर ऐसा ही रहा तो यह सभी वर्कर कांगड़ा चंबा हमीरपुर से चुनावों का बहिष्कार करने की तैयारी में है। ना हम चुनावों में भाग लेंगे ना हमारे परिवार लेंगे। वर्क रूम का दर्द ना ही प्रशासन समझ रहा है, ना ही कंपनी, ना ही हिमाचल सरकार। ऐसा कब तक चलेगा ।
एम सी जॉनसन कंपनी के वर्करों ने सरकार से द्वारा गुहार लगाई है, अगर सरकार जल्द से जल्द हमारा फैसला कंपनी के साथ नहीं करवाएगी, तो हम आत्मदाह के लिए तैयार हैं। जिसकी जिम्मेवारी अब हिमाचल सरकार की रहेगी और बदी लेबर ऑफिसर की जिम्मेदारी रहेगी।
अधिकारी के बोल मामले
जब मीडिया ने लेबर कमिश्नर बद्दी मुनीश करोल के साथ बात करने की कोशिश की तो कमिश्नर ने साफ-साफ इंकार कर दिया मैं किसी तरह की बात मीडिया से नहीं करूंगा।
