चम्बा – भूषण गुरुंग
मेडिकल कॉलेज के चतुर्थ तल में महिला मरीजों की संख्या के आगे बिस्तर कम पड़ने लगे हैं। आलम यह है कि एक-एक बिस्तर पर दो या तीन महिला मरीजों का इलाज किया जा रहा है। ऐसे में मरीजों समेत उनके तीमारदारों को भी परेशानी हो रही है।
ओपीडी में रोजाना 250 से 300 मरीज बुखार, सिरदर्द समेत अन्य बीमारियों से पीड़ित लोग चिकित्सक से चेकअप करवाने के लिए पहुंच रहे हैं। यहां पर घंटों कतार में खड़े होने के बाद चिकित्सीय परामर्श के बाद कुछ मरीज दवाइयां लेकर लौट रहे हैं।
तो वहीं कुछ मरीज रोजाना दाखिल होने के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसे में बिस्तरों की कमी के चलते एक-एक बिस्तर पर तीन-तीन मरीज उपचाराधीन हैं।

बीना देवी, तीमारदार के बोल
मेडिकल कॉलेज में बिस्तरों का अभाव मरीजों की परेशानियां बढ़ा रहा है। मरीजों के लिए अलग से बिस्तर की व्यवस्था होनी चाहिए।
कांता देवी, तीमारदार के बोल
जिले के पांच विधानसभा क्षेत्रों चंबा, चुराह, डलहौजी, भटियात और भरमौर-पांगी के बाशिंदे उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज चंबा पर निर्भर हैं लेकिन, सुविधाओं का अभाव उनकी परेशानियां बढ़ रहा है।
विमला देवी, तीमारदार के बोल
एक बिस्तर पर तीन-तीन मरीज उपचाराधीन हैं। ऐसे में बुखार से बेसुध होने के कगार पर पहुंची माता को भी मजबूरन रात के समय जमीन पर ही बिस्तर डालना पड़ रहा है।
ज्ञानो देवी, तीमारदार के बोल
मेडिकल कॉलेज में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में काफी इजाफा हो चुका है। यहां पर दिन के समय तिल धरने को जगह नहीं मिलती है। इतना ही नहीं, एक-एक बिस्तर पर दो से तीन मरीज उपचाराधीन हैं।
कार्यवाहक चिकित्सा अधीक्षक के बोल
मेडिकल कॉलेज के कार्यवाहक चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवेंद्र कुमार ने बताया कि मौसम परिवर्तन के साथ ही मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है।

