
ऊना- अमित शर्मा
जिला मुख्यालय ऊना में 16 अक्तूबर को विजीलैंस एवं एंटी क्रप्शन ब्यूरो ऊना द्वारा 900 पेटी शराब से भरे ट्रक को पकड़ने के मामले में अब आबकारी एवं कराधान विभाग ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है।
राज्य कर एवं आबकारी विभाग ने जांच के बाद सिरमौर जिला के पांवटा साहिब के नारी वाला स्थित शराब की फैक्टरी के लाइसैंस को रद्द कर दिया है। इसकी पुष्टि आईएएस अधिकारी व राज्य कर एवं आबकारी आयुक्त यूनुस ने की है।
विजीलैंस एवं एंटी क्रप्शन ब्यूरो ने ऊना में इस मामले में पहले ही धारा 420, 467, 468, 471 एवं 120बी आईपीसी तथा 39 (1) एचपी एक्साइज एक्ट के तहत नारी वाला स्थित शराब फैक्टरी के खिलाफ केस दर्ज किया था।
अभी भी ट्रक (एचपी 17ई-1679) विजीलैंस की कस्टडी में है। इस ट्रक में देसी शराब की 900 पेटियां लदी हुई थीं। गु सूचना के आधार पर डीएसपी विजीलैंस अनिल मेहता की अगुवाई में टीम ने इस ट्रक को पकड़ा था और जब जांच की गई तो इसका पास और परमिट जाली पाए गए थे।
मामले के बाद एक्साइज डिपार्टमैंट ने जांच शुरू की थी। जांच में पाया गया था कि नारीवाला स्थित शराब की फैक्टरी से बिना किसी वैध परमिट के आधार पर 900 पेटी शराब की ढुलाई की गई थी।
जांच में यह भी पाया गया कि उक्त उद्योग द्वारा लाइसैंस के नियम एवं शर्तों की बार-बार उल्लंघना की जा रही थी। इस मामले में पहले भी जुर्माना लगाकर दंडात्मक कार्रवाई की गई थी। विभाग ने पाया था कि शराब बनाने, इसके रखरखाव व ढुलाई से जुड़ी अनेक अनियमितताएं सामने आई थीं।
तमाम पहलुओं पर जांच करने के बाद अब फैक्टरी का लाइसैंस रद्द कर दिया गया है और फैक्टरी को सील करने के आदेश दे दिए गए हैं। यह सारी कार्रवाई हिमाचल प्रदेश एक्साइज एक्ट, डिस्टलरी रूल्स और एचपी बाऊंडेड वेयर हाऊस रूल के तहत की गई है।
राज्य कर एवं आबकारी विभाग के आयुक्त यूनुस बताया ने कि विभाग ने तमाम रिकाॅर्ड की जांच की। जांच के दौरान पाया कि बार-बार उद्योग द्वारा नियमों का उल्लंघन किया जा रहा है। 900 पेटी शराब की बिना किसी परमिट और दस्तावेजों के आधार पर ट्रक में सप्लाई के लिए भेजी गई।
जांच में कई अनियमितताएं पाई गईं जिसके बाद अब इस फैक्टरी के लाइसैंस को रद्द कर दिया गया है। फैक्टरी को सील करने के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।
डीएसपी विजीलैंस एवं एंटी क्रप्शन ब्यूरो ऊना अनिल मेहता ने बताया कि 16 अक्तूबर को यह ट्रक पकड़ा गया था। इसमें 900 पेटी देसी शराब बरामद की गई थी। इसे जब्त कर विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था।
अब एक्साइज डिपार्टमैंट ने इस पर कार्रवाई की है जबकि विजीलैंस द्वारा धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
