
ऊना – अमित शर्मा
ऊना जिले के बंगाणा उपमंडल की सैली बीट में जंगल की आग बुझाने के दौरान झुलसने से जान गंवाने वाले वन रक्षक राजेश कुमार को सरकार ने बलिदानी घोषित कर दिया है।
प्रदेश सरकार ने वीरवार को मंत्रिमंडल की बैठक में इस संबंध में बड़ा फैसला लिया। अब धर्मशाला युद्ध स्मारक की तर्ज पर स्मारक बनेगा। इस स्मारक के निर्माण में दो करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें वनों की आग बुझाते प्राण न्योछावर करने वालों की गाथा अंकित की जाएगी।
हिमाचल प्रदेश में पहली बार वन विभाग बलिदानी का दर्जा देगा। इसमें वन मंत्री राकेश पठानिया ने बड़ी भूमिका निभाई है। उन्होंने सरकार तक मामले की जोरदार तरीके से पैरवी की।
सरकार ने यह भी फैसला लिया है कि राजेश के परिवार को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता व बेटे को एक महीने के भीतर सरकारी नौकरी दी जाएगी।
वन मंत्री, राकेश पठानिया के बोल
वनरक्षक राजेश ने वन संपदा को आग से बचाने के लिए प्राण की बाजी लगा दी। सरकार ने अब उन्हें बलिदानी घोषित कर दिया है। अब स्मारक भी बनेगा। इस पर दो करोड़ की लागत आएगी। पीडि़त परिवार को सरकार चार लाख रुपये की मदद करेगी। बेटे को सरकारी नौकरी दी जाएगी।
अश्वनी ठाकुर, प्रदेशाध्यक्ष, अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के बोल
