
जवाली- स्टाफ रिपोर्टर अनिल छांगु
उपमंडल जवाली के अधीन ग्राम पंचायत हरसर में आईआरडीपी चयन को लेकर सवालिया निशान उठे हैं। पंचायत निवासी संजीवन कुमार ने आरोप लगाया है कि उनका पांच साल का अपंग बच्चा है तथा अपना मकान भी नहीं है लेकिन राजनीतिक दवाब के कारण पंचायत प्रधान द्वारा हमारा नाम आईआरडीपी से काट दिया गया।
संजीवन कुमार ने आरोप लगाया कि उन्होंने हाल ही में भाजपा को छोड़कर कांग्रेस को ज्वाइन किया था तथा इसी द्वेष के कारण विधायक अर्जुन सिंह के कहने पर प्रधान ने उनका नाम आईआरडीपी से काट दिया गया है।
संजीवन कुमार ने जिलाधीश कांगड़ा डॉ निपुण जिंदल, एसडीएम जवाली कृष्ण कुमार शर्मा से मांग की है कि इसकी जांच की जाए तथा मुझे न्याय दिलाया जाए।
देस राज पूर्व प्रधान ग्राम पंचायत हरसर का कहना
इस बारे में पूर्व प्रधान देश राज ने कहा कि जब मैं प्रधान था तो सर्वे की टीम द्वारा उसका चयन आईआरडीपी में हुआ था। उन्होंने कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए कि उसका नाम आईआरडीपी से किस कारण काट दिया गया है।
क्या कहती है ममता चौधरी प्रधान ग्राम पंचायत हरसर
इस बारे में पंचायत प्रधान ममता चौधरी ने कहा कि जनता के फैसले से ही ग्राम सभा मे आईआरडीपी से नाम काटे गए हैं और डाले गए हैं। हमने न तो किसी का नाम काटा है और न ही डाला है। उन्होंने कहा कि आरोप निराधार हैं।
जिस व्यक्ति ने आरोप लगाया है उसके पास चौपहिया वाहन है तथा वह रोजाना वाहन से 100 किलोमीटर आवागमन करता है। उसका मकान भी पक्का है। जो बच्चा अपंग है उसको सहारा योजना के तहत पेंशन लगवाई जाएगी।
