इस बार दिवाली पर कैसे होगी लक्ष्मी पूजा, कौन-कौन से बन रहे हैं शुभ योग? विस्तार से जानें

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हिमखबर डेस्क

दिवाली का त्योहार कार्तिक अमावस्या तिथि को मनाते हैं। दिवाली को प्रदोष काल में माता लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा होती है। प्रदोष काल सूर्यास्त के बाद से प्रारंभ होता है। दिवाली पर माता लक्ष्मी की पूजा निशिता मुहूर्त में भी की जाती है।

ज्योतिषी आचार्य पंडित अमित कुमार शर्मा के अनुसार इस बार दिवाली की लक्ष्मी पूजा सौभाग्य योग और स्वाती नक्षत्र में होगी। दिवाली को प्रात:काल से आयुष्मान योग है, जो शाम 4:25 बजे तक रहेगा। उसके बाद से सौभाग्य योग प्रारंभ होगा जो अगले दिन दोपहर 03: 23 बजे तक है।

ये दोनों ही शुभ योग हैं, वहीं स्वाती नक्षत्र प्रात:काल से लेकर रात तक है। 13 नवंबर को सुबह 02:51 पर स्वाती नक्षत्र का समापन होगा और विशाखा का प्रारंभ होगा।

इस साल कब है दिवाली 2023

पंचांग के अनुसार कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि 12 नवंबर रविवार को दोपहर 02:44 बजे से शुरू हो जाएगी और 13 नवंबर सोमवार को दोपहर 02:56 बजे तक रहेगी। उदयातिथि के आधार पर कार्तिक अमावस्या तो 13 नवंबर को होगी लेकिन अमावस्या तिथि में प्रदोष काल 12 नवंबर को प्राप्त हो रहा है। 13 नवंबर को प्रदोष काल के समय शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि लग जाएगी। इस वजह से इस साल दिवाली का त्योहार 12 नवंबर को मनाया जाएगा।

दिवाली 2023 की लक्ष्मी पूजा का मुहूर्त

12 नवंबर को दिवाली के दिन सूर्यास्त शाम 05:29 बजे होगा, ऐसे में प्रदोष काल शाम 05:29 बजे से शुरू होगा। दिवाली पर प्रदोष काल में लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त 05:39 बजे से शाम 07:35 बजे तक है। इस बार शाम में दिवाली की लक्ष्मी पूजा के लिए आपको 1 घंटा 56 मिनट का शुभ समय प्राप्त होगा। दिवाली का प्रदोष काल 05:29 बजे से रात 08:08 बजे तक है, जबकि वृषभ काल शाम 05:39 बजे से शाम 07:35 बजे तक है।

दिवाली 2023 लक्ष्मी पूजा निशिता मुहूर्त

इस साल दिवाली पर लक्ष्मी पूजा निशिता मुहूर्त रात 11:39 बजे से लेकर देर रात 12:32 बजे तक है। लक्ष्मी पूजा निशिता मुहूर्त की अवधि 53 मिनट की होगी। उस समय सिंह लग्न देर रात 12:10 बजे से 02:27 बजे तक है। निशिता काल मुहूर्त में लोग लक्ष्मी मंत्रों को सिद्ध करते हैं।

दिवाली पर लक्ष्मी पूजा का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दिवाली की शाम माता लक्ष्मी, भगवान गणेश और धन के देवता कुबेर की पूजा करने से सुख, संपत्ति, धन, वैभव और समृद्धि में बढ़ोतरी होती है। पूरे वर्ष माता लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

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