इंटरनेट नहीं है; तो ऑफलाइन भी लग जाएगी मनरेगा मजदूरों की हाजिरी

--Advertisement--

Image

इसलिए जरूरी है ऐप

शिमला – नितिश पठानियां

इंटरनेट की समस्या के कारण जहां मनरेगा मजूदूरों की हाजिरी नहीं लग पा रही है, वहां पर ऑफलाइन तरीके से भी हाजिरी लग सकती है। केंद्र सरकार के आदेशों के बाद हिमाचल प्रदेश में भी पहली जनवरी से मनरेगा मजूदरों की ऑनलाइन माध्यम से लग रही है।

केंद्र सरकार ने मनरेगा मजदूरों की हाजिरी लगाने के लिए नेशनल मोबाइल मॉनटिरिंग साफ्टवेयर यानी एनएएमएमएस तैयारी किया गया है। प्रदेश के कई क्षेत्रों में इंटरनेट की समस्या इस प्रक्रिया को पूरा करने में आड़े आ रही है। इसके बारे में पंचायत प्रतिनिधियों का एक प्रतिनिधिमंडल हाल ही में पंचायतीराज मंत्री अनिरूद्ध सिंह से भी मिला था।

उन्होंने इस बारे में विभाग को एसओपी तैयार करने के आदेश भी दिए थे। हालांकि अभी एसओपी तैयार करने काम चल रहा हैं, लेकिन जहां पर इंटरनेट की वजह से ऑनलाइन हाजिरी नहीं लग पा रही हैं। वहां पर ऑफलाइन तरीके से भी हाजिरी लग सकती है। इसके लिए पंचायत प्रतिनिधियों को संंबधित जिला के डीसी के समक्ष मामला उठाना होगा।

पंचायतीराज विभाग के अधिकारियों का कहना है कि हाजिरी लगाने में ज्यादा दिककतें पेश नहीं आ रही हैं, लेकिन हाजिरी अपलोड करने में कई जगह पर दिक्कतें पेश आ रही हंै।

फिलहाल मनरेगा के तहत व्यक्तिगत काम के लिए ऐप से हाजिरी नहीं लगाई जा रही है, सिर्फ सामूहिक काम की ही ऐप के जरिए हाजिरी लगाई जा रही है, लेकिन प्रदेश भर की पंचायतें इस पहल का विरोध कर रही हैं। उनका कहना है कि हिमाचल जैसे राज्य में यह प्रणाली लागू नहीं हो सकती है।

पंचायत का वार्ड मेंबर एक ही दिन में सभी जगहों पर जाकर हाजिरी नहीं लगा सकता है। वार्ड मेंबर की अनुपस्थिति में यह काम मनरेगा सहायक को दिया गया है। मनरेगा सहायक के पास पहले से तीन से पांच पंचायतों का काम है। ऐसे में उसके लिए भी मौके पर जाकर मजदूरों की हाजिरी लगाना मुश्किल का काम है।

इसलिए जरूरी की ऐप से हाजिरी

मनरेगा में सरकारी धन के दुरुपयोग से बचाने के लिए यह प्रणाली शुरू की गई है। हाजिरी के साथ ग्राम पंचायतों के खंड प्रेरक और सचिवों को काम की सेल्फी भी देनी होगी। नियम के मुताबिक 60 प्रतिशत धनराशि मजदूरी में खर्च होती है।

40 प्रतिशत धनराशि से सामग्री खरीदी जा सकती है। लेकिन, सचिव और ग्राम प्रधान मिलकर गड़बड़ कर रहे हैं। शिकायतें मिलने पर ग्रामीण विकास विभाग ने नेशनल मोबाइल मॉनीटरिंग साफ्टवेयर (एनएमएमएस) ऐप लांच कर दिया है।

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related

हिमाचल SDRF ने रचा इतिहास, लगातार दूसरी बार जीता नैशनल स्ट्रक्चर रैस्क्यू का खिताब

हिमखबर डेस्क  हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) ने...

जब पति को छुड़ाने के लिए थाने की छत पर चढ़ गई नशे में धुत्त पत्नी, फिर अचानक फिसला पैर और पुलिस के सामने...

हिमखबर डेस्क  हिमाचल प्रदेश के जिला मुख्यालय कुल्लू के पुलिस...

पुरानी रंजिश में हुई भेड़पालक की हत्या, स्थानीय युवक निकला कातिल; पुलिस ने सुलझाई मर्डर मिस्ट्री

हिमखबर डेस्क  हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के झंडूता उपमंडल...

हिमाचल में दिखा इतना लंबा अजगर, वीडियो देखते ही आपके भी उड़ जाएंगे होश; लोगों को सतर्क रहने की सलाह

हिमखबर डेस्क  हिमाचल प्रदेश के ऊना जिला स्थित चिंतपूर्णी क्षेत्र...