आपदा में नुकसान के आकलन में पटवारी ने बरती अनियमितताएं, मणिकर्ण घाटी में पेश आया पहला मामला, उपायुक्त ने शिकायत मिलने के बाद कि था मणिकर्ण का दौरा
हिमखबर डेस्क
जुलाई महीने में आई आपदा के बाद लोगों का करोड़ों का नुकसान हुआ है। इसका आकलन करने के लिए सरकार ने आदेश जारी किए। इस दौरान मुआवजे को लेकर मणिकर्ण के पटवारी ने अनियमितताएं बरती जिससे निलंबित कर दिया गया है।
मणिकर्ण घाटी में उपायुक्त कुल्लू को शिकायत मिली थी कि आपदा के बाद आकलन और मुआवजे में कुछ अधिकारियों ने अनियमितताएं बरती है। शिकायत मिलने के बाद उपायुक्त कुल्लू आशुतोष गर्ग ने स्वयं मणिकर्ण घाटी में जाकर इसका निरीक्षण किया था।
इस दौरान मणिकर्ण पटवार सर्कल में कुछ अनियमितताएं पाई गई है जिसमें मौके पर मकान कम क्षतिग्रस्त थे जबकि कागजों में पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त दर्शाए गए। ऐसी कई प्रकार की अनियमितताएं पाई गई है। इसी के चलते प्रशासन की ओर से मणिकर्ण सर्कल के पटवारी को निलंबित कर दिया है। इसकी जांच का जिम्मा एसडीएम कुल्लू को सौंपा गया है।
मणिकर्ण घाटी के बाद अब सैंज में भी इस तरह की अनियमितताएं बरतने की शिकायत आई है। इसमें कुछ मकान बिल्कुल दुरुस्त है लेकिन वह पूरा मुआवजा राशि प्राप्त कर चुके हैं इसका आकलन पटवारी द्वारा किया गया है।
जबकि कुछ मकान सरकारी भूमि पर बनाए गए हैं उन्हें भी मुआवजा राशि प्रदान की गई है। अब बंजार और सैंज में भी इस प्रकार की कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है। इसको लेकर प्रशासन सजक है और जल्द इस पर भी कार्रवाई होगी।
मामले को लेकर एसडीएम कुल्लू विकास शुक्ला ने बताया कि मुआवजे को लेकर अनियमितताएं बरतने पर मणिकर्ण पटवार सर्कल के पटवारी को निलंबित किया गया है। अब इसकी गंभीरता से जांच की जाएगी।