
शिमला – जसपाल ठाकुर
हिमाचल में गुरुवार (आज) से 102 व 108 एंबुलेंस के पहिए थम जाएंगे। ऐसे में प्रदेश भर में लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। खासकर दूर दराज के क्षेत्रों से मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में परेशानियां आएगी।
102 व 108 एंबुलेंस में सेवाएं दे रहे कर्मचारियों ने काम छोडऩे का मन बना लिया है। कर्मचारियों की मांगों को लेकर बुधवार को कंपनी के साथ लंबी बातचीत हुई, लेकिन कंपनी व कर्मचारियों के बीच में सहमति नहीं बन पाई।
कर्मचारियों का कहना है कि कंपनी मौखिक तौर पर उनकी मांगों को मानने के लिए तैयार है, लेकिन लिखित में देने के तैयार नहीं है। ऐसे में अब कर्मचारियों ने काम छोडऩे का निर्णय लिया है।
एंबुलेंस कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष पूर्णचंद का कहना है कि गुरुवार सुबह तक प्रदेश भर में कर्मचारी गाडिय़ों को सीएमओ व बीएमओ को हैंडओवर कर लेंगे। इसके प्रदेश भर से कर्मचारी शिमला की ओर कूच करेंगे।
शिमला में सरकार व कंपनी के खिलाफ हल्ला बोलने की तैयारी है। पूर्णचंद का कहना है कि आने वाले दिनों में एंबुलेंस कर्मचारी सचिवालय का घेराव भी कर सकते हैं।
एंबुलेंस कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष पूर्णचंद ने बताया कि प्रदेश में एंबुलेंस सेवा प्रदान कर रही पुरानी कंपनी जीवीके ने कर्मचारियों को एक महीने का वेतन नहीं दिया है। साथ ही 2015 से कर्मचारियों को मिलने वाले एरियर की अदायगी भी नहीं की गई है।
कर्मचारियों को गेच्युटी व अन्य वित्तीय भत्ते भी प्रदान नहीं किए गए हैं। जीवीके कंपनी का करार समाप्त होने के बाद कंपनी चली गई, लेकिन कर्मचारियों के पैसे की अदायगी नहीं हुई है।
कोर्ट के आदेश भी नहीं हुए लागू
एंबुलेंस कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष पूर्णचंद का कहना है कि कोर्ट की ओर से आदेश जारी किए गए थे कि कर्मचारियों को कम से कम 18 हजार रुपए का वेतन दिया जाए।
इसमें से 15 हजार का वेतन कर्मचारियों को इनहैंड मिलना चाहिए, लेकिन दो साल का समय बीत जाने के बाद अभी तक कोर्ट के आदेशों को लागू नहीं किया गया है।
