
खनन विभाग अपनाएगा सख्त रुख, 50 हजार तक की पैनेल्टी का प्रावधान
शिमला- जसपाल ठाकुर
प्रदेश खनन विभाग खनन माफिया के खिलाफ सख्त रुख अपनाएगा। अब अवैध खनन करने पर दो साल की सजा के साथ पांच लाख रुपए तक का जुर्माना भी हो सकता है। खनन विभाग ने प्रदेश में अवैध खनन रोकने को लेकर नियमों में बदलाव करके नियम कड़े कर दिए हैं। प्रदेश में खड्डों एवं नदियों में अवैध खनन करना इतना आसान नहीं होगा।
अवैध खनन करते हुए पकड़े जाने वाले वाहनों पर जुर्माना भी बढ़ा दिया गया है। खनन विभाग ने बकायदा अवैध खनन करते हुए पकड़े जाने वाले वाहनों के लिए जुर्माना राशि भी तय कर दी है।
प्रदेश में खनन विभाग द्वारा अवैध करने पर कड़े किए गए नियमों के अनुसार अब ट्रैक्टर पर अब 4500 रुपए, छोटे ट्रक पर 10 हजार रुपए, बड़े ट्रक पर 15 हजार रुपए और अवैध करने पर जेसीबी के लिए 50 हजार रुपए तक का जुर्माना किया जा सकता है।
इसके अलावा अवैध खनन रोकने के लिए प्रदेश सरकार ने अब खनन व पुलिस विभाग के अलावा वन, उद्योग, राजस्व विभाग सहित सभी जिलों के प्रशासनिक अधिकारी भी अवैध खनन पर कार्रवाई कर प्राधिकृत किया है।
इसमें निदेशक उद्योग विभाग पूरे प्रदेश में, समस्त उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक अपनी-अपनी अधिकारिता क्षेत्र में, राज्य भू विज्ञानी, समस्त भू विज्ञानी, सहायक भू विज्ञानी, समस्त तकनीकि सहायक भू-विज्ञानी पूरे प्रदेश में कार्रवाई कर सकेंगे।
इसके अलावा जिला उद्योग केंद्रों के समस्त महा प्रबंधक, समस्त खनन अधिकारी, निरीक्षक, खनिज रक्षक, सहायक खनिज निरीक्षक, औद्योगिक प्रोत्साहन अधिकारी, समस्त उद्योग आर्थिक अन्वेषक, उद्योग प्रसार अधिकारी, समस्त अतिरिक्त उपायुक्त, समस्त उपमंडलीय दंडाधिकारी, तहसीलदार/नायब तहसीलदार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, उप पुलिस अधीक्षक और पुलिस निरीक्षक, उप निरीक्षक, सहायक उपनिरीक्षक एवं वन मंडलाधिकारी, वन अरण्यपाल, सहायक वन अरण्यपाल तथा वन परिक्षेत्र अधिकारी अवैध खनन को रोकने के लिए कार्रवाई करने के लिए अधिकृत होंगे।
अवैध खनन रोकने को लेकर नियमों में किए गए बदलाव की पुष्टि राज्य भू-विज्ञानी पुनीत गुलेरिया नेे की है।
