
शाहपुर – नितिश पठानियां
ग्रामीण विकास विभाग या पंचायती राज विभाग में विलय की मांग को लेकर जिला परिषद कैडर कर्मचारी/अधिकारी पैन डाऊन स्ट्राइक पर चले गए हैं। जिला परिषद कर्मचारी संगठन के कर्मी ब्लाक मुख्यालयों में बैठकर अपना विरोध प्रदर्शन कर रहे है तथा जब तक इस कैडर की मांगों को नहीं मान लिया जाता, तब तक पैन डाउन स्ट्राइक जारी रहेगी। पंचायत कर्मचारियों द्वारा अनिश्चितकालीन कलम छोड़ो हड़ताल पर चले जाने से पंचायतों में कामकाज ठप्प पड़ गया है।
इसी सन्दर्भ में आज सोमवार को विकास खंड रैत ब्लॉक कार्यालय परिसर में जिला परिषद कैडर कर्मचारी/अधिकारी महासंघ विकास खंड रैत इकाई के समस्त कर्मचारि, अधिकारि, पंचायत सचिव अपनी मांगों को लेकर कलम छोड़ हड़ताल पर रैत ब्लॉक में बैठें।
इस मोके पर रैत ब्लॉक के जेई पंकज महाजन ने चेताया है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हुई, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। इस मौके पर उन्होंने बताया कि विभिन्न पंचायतों में कार्यरत सचिव, कनिष्ठ अभियंता, तकनीकी सहायक (जिला परिषद कैडर अधिकारी/कर्मचारी) पिछले 22 वर्षों से ग्रामीण विकास विभाग या पंचायती राज विभाग में विलय की मांग उठा रहे हैं, लेकिन आज तक उनकी मांग पूरी नहीं हुई है।
उन्होंने आरोप लगाया कि एक ही कार्यालय में बराबर के पदों पर कार्यरत अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए अलग-अलग पॉलिसी सरकार के सौतेले व्यवहार को दर्शाती है। हाल ही में ग्रामीण विकास विभाग या पंचायती राज विभाग के कर्मचारियों को छठे वेतनमान का लाभ मिला, लेकिन जिला परिषद कैडर के अधिकारी व कर्मचारी लाभ से वंचित हैं।
उन्होंने कहा कि हम कहने को पंचायतों के अधिकारी व कर्मचारी हैं, लेकिन उनका कोई भी इम्प्लाई कोड नहीं है, जिस कारण इस वर्ग को मैडीकल व पैंशन सहित अन्य लाभों से दूर रखा गया है।
