हिमखबर डेस्क
सरकार द्वारा अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं के लिए कौशल विकास के नए अवसर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (नाइलिट), शिमला के साथ समझौता कर दो महत्वपूर्ण प्रशिक्षण पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया है।
विभागीय प्रवक्ता ने आज यहां बताया कि इन पाठ्यक्रमों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तथा ऑफिस ऑटोमेशन, अकाउंटिंग एवं पब्लिशिंग असिस्टेंट शामिल हैं, जिनका संचालन अप्रैल, 2026 से मंडी स्थित केंद्र में किया जाएगा।
हिमाचल प्रदेश के स्थायी निवासी अनुसूचित जाति वर्ग के 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के अभ्यर्थी इन पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन कर सकते हैं। चयन 10+2 कक्षा और स्नातक में प्राप्त अंकों के आधार पर मेरिट के अनुसार किया जाएगा। इसमें बीपीएल वर्ग को प्राथमिकता दी जाएगी। महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत सीटें आरक्षित रखी गई हैं।
उन्होंने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी 31 मार्च, 2026 तक जिला कल्याण अधिकारी, मंडी अथवा संबंधित तहसील कल्याण कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं।
उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान अभ्यर्थियों को दो हजार रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जाएगा, जो प्रशिक्षण पूर्ण होने पर सीधे बैंक खाते में स्थानांतरित किया जाएगा। न्यूनतम 85 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य होगी।
प्रवक्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के तहत प्रदत इस प्रशिक्षण का मूल्यांकन नाइलिट केंद्र द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार किया जाएगा और सफल अभ्यर्थियों को कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के माध्यम से प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा।
प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अभ्यर्थियों को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने में भी सहायता दी जाएगी।

