
काँगड़ा – राजीव जस्वाल
हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के धर्मशाला में 35 साल की तलाकशुदा महिला ने सुसाइड कर लिया. मामले में महिला ने 12 पेज का सुसाइड नोट भी छोड़ा. हिमखबर के पास महिला के सुसाइड नोट की कॉपी मौजूद है. महिला ने कॉपी पर एक-एक कर अपने साथ हुई ज्यादतियों की कहानी बताई है.
दरअसल, महिला एक युवक के साथ रिलेशन में थी और बुधवार को उस युवक की शादी हो गई. इसके बाद महिला ने फंदा लगाकर जान दे दी थी. युवती ने युवक पर रेप का केस भी दर्ज करवाया था.
दरअसल, महिला का 2013 में पति से तलाक हो गया था. वह कांगड़ा के छोटी हलेड़ पंचायत के जोगीपुर में किराये के मकान में रहती थी. इस दौरान महिला कांगड़ा के एक स्थानीय युवक के संपर्क में आई और दोनों ने जीवनभर साथ निभाने का वादा किया. 35 वर्षीय महिला के साथ युवक लंबे समय से संबंध थे.
12 पेज के सुसाइड नोट में 35 साल की युवती ने पहली लाइन में लिखा, मैं पूरे होश में ये सुसाइड नोट लिख रही हैं. सबसे पहे मैं अपने मा-बाप, भाई-बहन और पूरी परिवार से माफी मांगना चाहती हूं. क्योंकि शायद में इसके बाद कहने के लिए नहीं रहूंगी.
सबसे बड़ी गुनाहगार में अपनी बेटी की हूं, जिसके लिए मैं कुछ नहीं कर सकी और ना जाने मेरे मरने के बाद बेटी के भविष्य का क्या होगा, इसलिए मुझे माफ कर देना. क्योंकि मेरे पास दूसरा कोई रास्ता नहीं बचा है, अगर दूसरा रास्ता होता तो मैं उसे अपना लेती.
मैं अपने मां-बाप की भी गुनाहगार हूं, जिन्होंने मुझे जन्म दिया, पढ़ाया लिखा और मेरी परवरिश की. लेकिन मेरी वजह से मेरे माता-पिता बहुत कुछ झेल रहे हैं.
महिला ने सुसाइड नोट में आरोपी युवक और उसके परिवार, बहन, मां और बाजार के कुछ दुकानदारों पर भी आरोप लगाया और कहा कि उनकी वजह से आरोपी को बढ़ावा मिला.
युवती ब्यूटी पार्लर का काम करती थी. युवती ने सुसाइड नोट में लिखा कि जिस दिन आरोपी युवक रेप केस में जेल गया था, उसके बाद से उसके परिवार ने उसे बदनाम किया और कहा कि मैं चरित्रहीन हूं. जमानत पर बाहर आने के बाद आरोपी ने जो हरकतें की हैं, उसकी वजह से उसे सुसाइड करना पड़ रहा है.
मैं बुजदिल नहीं हूं. इसलिए मैंने आरोपी के खिलाफ रेप का केस दर्ज करवाया था. लेकिन ये तो शुरू से ही प्लान करके चला हुआ था. मेरे साथ काफी गलत किया गया. मेरा शारीरिक और मानसिक तौर पर ब्लात्कार किया गया.
पुलिस पर भी लगाए आरोप
महिला ने कांगड़ा पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए और कहा कि वह 29 मार्च को सबसे पहले कांगड़ा पुलिस स्टेशन गई थी. लेकिन उन्होंने मुझे धर्मशाला वुमन सेल भेज दिया. वहां वुमन सेल में एचएचओ ने मेरी सुनवाई नहीं की और कहा कि शादीशुदा को कैसा शादी का झांसा कैसे दिया गया, जबकि आप लोग लिव-इन में रहे थे. इस पर कोई केस नहीं बनता है.
